
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार किसानों के सशक्तिकरण, कर्जमुक्ति, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से मुकाबला, कृषि अधोसंरचना, फसल बीमा, कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। बुधवार को कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने संकटग्रस्त किसानों को राहत देने के लिए 36,585 करोड़ रुपये की कर्जमाफी का निर्णय लिया है, जिससे 56 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। विधानसभा में नियम 293 के तहत प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना’ शुरू की गई है। यह महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कर्जमाफी योजना होगी। योजना के तहत दो लाख रुपये तक के बकाया कृषि ऋण माफ किए जाएंगे। नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान भी दिया जाएगा। इसके अलावा महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमुक्ति योजना के लाभार्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ करीब 56.24 लाख किसानों को मिलेगा और कुल 36,585 करोड़ रुपये की कर्जमाफी प्रदान की जाएगी।
एल नीनो के प्रभाव से निपटने की तैयारी
भरणे ने कहा कि खरीफ 2026 सीजन में संभावित एल नीनो प्रभाव को देखते हुए सरकार ने व्यापक तैयारी की है। कम वर्षा में टिकाऊ बीजों की उपलब्धता, बीबीएफ तकनीक से बुवाई को बढ़ावा, खेत तालाब, सूक्ष्म सिंचाई और मल्चिंग जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि समृद्धि योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ड्रोन तकनीक, किसान सुविधा केंद्र, जैविक खेती और कृषि अधोसंरचना निर्माण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
खेत में दुर्घटना पर मजदूरों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने खेती के दौरान मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में दिए जाने वाले अनुदान में कृषि मजदूरों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। यह योजना महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लागू की जाएगी, जिससे किसानों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पीएम किसान और नमो किसान योजना से करोड़ों किसानों को लाभ
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत महाराष्ट्र के 1 करोड़ 16 लाख किसानों को अब तक 42,900 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। वहीं नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना के तहत 14,816 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए गए हैं। कपास उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की सहायता से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रति हेक्टेयर उत्पादन को वर्तमान 10-11 क्विंटल से बढ़ाकर 15-16 क्विंटल तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 191 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फसल बीमा के तहत 1,582 करोड़ रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 में 17.17 लाख किसानों को 1,582 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति मंजूर की गई है। इनमें से 96 प्रतिशत किसानों को राशि वितरित भी की जा चुकी है। फल फसल बीमा योजना के अंतर्गत भी प्रभावित किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।
नकली बीज और खाद बेचने वालों पर बड़ी कार्रवाई
राज्य में खरीफ सीजन के लिए आवश्यकता से अधिक बीज और उर्वरक उपलब्ध हैं। खाद बिक्री में होने वाली ‘लिंकिंग’ जैसी अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। कृषि आदानों से संबंधित शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर और व्हाट्सऐप सुविधा भी शुरू की गई है। राज्यव्यापी अभियान के दौरान अब तक 69 हजार से अधिक विक्रेताओं की जांच, 970 मीट्रिक टन सामग्री जब्त, 1,088 लाइसेंस निलंबित तथा 94 मामले दर्ज किए गए हैं।
7,201 गांवों में 6,000 करोड़ रुपये का निवेश
नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के दूसरे चरण में 21 जिलों के 7,201 गांवों में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। वहीं स्मार्ट परियोजना के तहत किसान उत्पादक कंपनियां, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और कृषि उपकरण बैंक स्थापित किए जा रहे हैं।
40 लाख किसान कर रहे हैं एआई ऐप का उपयोग
राज्य का महाविस्तार एआई ऐप वर्तमान में 40 लाख किसानों द्वारा उपयोग किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौसम, फसल प्रबंधन, पशुपालन, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
44 लाख किसानों को मुफ्त बिजली
मुख्यमंत्री बळीराजा मुफ्त बिजली योजना के तहत 44 लाख से अधिक किसानों को 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री बळीराजा खेत पाणंद सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक पहुंचने वाले मार्गों को मजबूत किया जा रहा है।
महिला किसानों के लिए आएगा विशेष कानून
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि महिला किसानों के योगदान को देखते हुए सरकार इस विधानसभा सत्र में ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक’ पेश करने की तैयारी कर रही है। अंत में उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले, उनकी आय बढ़े और उनका जीवन समृद्ध बने, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “किसान खुशहाल तो महाराष्ट्र समृद्ध” इसी विश्वास के साथ सरकार लगातार कार्य कर रही है।



