
मुंबई। परिवहन विभाग के कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों पर राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक रुख अपनाए जाने के बाद आरटीओ कर्मचारियों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन वापस ले लिया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में परिवहन विभाग का कामकाज फिर से सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा। यह जानकारी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में दिए गए अपने बयान में दी। बुधवार को मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि परिवहन विभाग की कर्मचारी संघटनाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 16 जून 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। इस आंदोलन के कारण राज्यभर में लाखों नागरिकों के दैनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। सरकार ने इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक विषय न मानते हुए कर्मचारियों की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने की कोशिश की तथा उनके साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कार्यालय अधीक्षक पद पर दी गई अस्थायी पदोन्नति के आदेशों को तत्काल प्रभाव से अगले तीन महीने के लिए बढ़ाया जाएगा। साथ ही इन पदोन्नतियों को 11 महीने तक जारी रखने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से मंजूरी ली जाएगी। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी पदों पर 23 पदोन्नतियों का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है और मंजूरी मिलते ही पदोन्नति आदेश जारी किए जाएंगे। सरनाईक ने बताया कि कार्यालय अधीक्षक तथा वर्ग-3 संवर्ग के सभी पदों के सेवा प्रवेश नियम जल्द अंतिम रूप दिए जाएंगे। इसके अलावा लिपिक, टंकलेखक और वरिष्ठ लिपिक जैसे पदनामों में बदलाव कर उन्हें क्रमशः ‘परिवहन सहायक’ और ‘वरिष्ठ परिवहन समन्वयक सहायक’ नाम देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सहायक पुलिस मोटर वाहन अभियोजन अधिकारी पद के सेवा प्रवेश नियमों को अंतिम मंजूरी देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वरिष्ठ लिपिक और कार्यालय अधीक्षक पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को आश्वासित प्रगति योजना (एसीपी) का लाभ देने के संबंध में भी नियमानुसार जल्द निर्णय लेने के निर्देश परिवहन आयुक्त को दिए गए हैं। वहीं, बदली कानून 2005 से संबंधित मांगों पर भी प्रशासनिक आवश्यकताओं और मौजूदा नियमों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सम्मान, उनकी समस्याओं के समाधान और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संवाद, संवेदनशीलता और समन्वय के माध्यम से परिवहन विभाग को अधिक सक्षम, प्रभावी और जनोन्मुख बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। इससे आरटीओ कार्यालयों में लंबित कामकाज को गति मिलेगी और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी भी दूर होगी।



