
मुंबई। महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मात्र दो दिनों में 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 26 प्रतिष्ठानों को सील कर 12 लाख 16 हजार 965 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 30 और 31 मई 2026 को राज्यव्यापी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई मुंबई, कोंकण, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती विभागों में एक साथ की गई। कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई कोंकण विभाग में की गई, जहां 16 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बृहन्मुंबई में एक स्थान पर कार्रवाई कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुणे में तीन स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़ा गया, जबकि नाशिक में दो मामलों में दो गिरफ्तारियां हुईं। छत्रपति संभाजीनगर में 11 स्थानों पर कार्रवाई कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं अमरावती में तीन स्थानों पर छापेमारी कर तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। एफडीए अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला की बिक्री तथा नियमों के उल्लंघन में शामिल आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 123, 223, 274 और 275 के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 26, 27, 30(2)(a) और 59 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि राज्य में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता या मिलावट को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह होने पर तुरंत एफडीए से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज कराते समय शिकायतकर्ता अपना नाम, पता और संपर्क नंबर, संदिग्ध प्रतिष्ठान का सही पता तथा संबंधित खाद्य पदार्थ में की जा रही मिलावट या अनियमितता की पूरी जानकारी अवश्य दें, ताकि प्रशासन त्वरित जांच कर प्रभावी कार्रवाई कर सके। एफडीए का कहना है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रतिबंधित खाद्य एवं तंबाकू उत्पादों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



