
मुंबई। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को देश के विकास की रीढ़ बताते हुए जयकुमार रावल ने महिलाओं से बड़े पैमाने पर उद्योग-व्यवसाय में आगे आने का आह्वान किया। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित उद्यमी कार्यशाला और प्रदर्शनी में उन्होंने यह बात कही। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। बुधवार को मंत्री रावल ने कहा कि उत्पादन, सेवा, कृषि आधारित उद्योग और निर्यात जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमी रोजगार सृजन, नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे उद्योगों, स्टार्टअप्स और विशेष रूप से महिला उद्यमियों को देशभर की सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में सीधे भाग लेने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के लिए बाजार संपर्क, डिजिटल पहुंच, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
मैग्नेट योजना और महिला मॉल की खास पहल
मंत्री रावल ने बताया कि आशियाई विकास बैंक के सहयोग से लगभग 2000 करोड़ रुपये की MAGNET योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बिक्री के लिए 60% तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति मिशन के तहत ‘महिला मॉल’ विकसित किए जा रहे हैं, जहां केवल महिला उद्यमियों के उत्पादों को ही जगह मिलेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और ग्रामीण महिलाओं को सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
महिला आरक्षण और नेतृत्व में बढ़ती भागीदारी
रावल ने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया में उनका प्रभाव मजबूत होगा। कार्यक्रम में डॉ. विजय कलंत्री, सत्यनारायण मीना, निधि चौधरी, श्वेताली ठाकरे सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
कार्यशाला और प्रशिक्षण सत्र
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रिया, ब्रांडिंग, निर्यात और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ी जानकारी दी गई। ‘ब्रेकिंग बैरियर्स: विमेन लीडिंग द फ्यूचर ऑफ बिजनेस’ और ‘स्थानीय उद्योग से वैश्विक बाजार तक’ जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया। इसके अलावा, सफल महिला उद्यमियों की कहानियां साझा की गईं और कई महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया। यह कार्यशाला महिला उद्यमियों के लिए न केवल सरकारी बाजार तक पहुंच आसान बनाने में सहायक रही, बल्कि उन्हें नेटवर्किंग, ब्रांडिंग और निर्यात के अवसरों के लिए भी तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।




