
भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा फैसला, मुख्य परीक्षा की पारंपरिक प्रणाली में कोई बदलाव नहीं
मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सभी आगामी प्रारंभिक परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) प्रणाली से आयोजित करने का निर्णय लिया है। आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह विद्यार्थियों के हित में लिया गया है, जिससे परीक्षा परिणामों और नियुक्ति प्रक्रिया में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। शुक्रवार को मुंबई स्थित महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने बताया कि आयोग भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार लागू कर रहा है। इस अवसर पर आयोग के सचिव महेंद्र हरपाळकर और परीक्षा नियंत्रक सरिता बांदेकर-देशमुख भी उपस्थित थीं। अध्यक्ष भीमनवार ने कहा कि अब आयोग का लक्ष्य प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 21 दिनों के भीतर घोषित करना है। हाल ही में आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 22 दिनों में जारी किया गया था और भविष्य में सभी प्रारंभिक परीक्षाओं के परिणाम 21 दिनों के भीतर घोषित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग ने यह भी तय किया है कि जिस वर्ष परीक्षा आयोजित होगी, उसी वर्ष उसकी भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। जिन पदों पर साक्षात्कार होता है, उनकी चयन प्रक्रिया 9 से 11 महीने में पूरी की जाएगी, जबकि केवल लिखित परीक्षा वाले पदों की भर्ती 6 से 7 महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिलने के साथ उनके करियर की अनिश्चितता भी कम होगी। विवेक भीमनवार ने स्पष्ट किया कि सीबीटी प्रणाली केवल प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination) के लिए लागू होगी। राज्य सेवा, समूह ‘अ’, समूह ‘ब’ और समूह ‘क’ की मुख्य परीक्षाओं (Main Examination) के स्वरूप में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे पहले की तरह पारंपरिक लिखित पद्धति से ही आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली कोई नई व्यवस्था नहीं है। एमपीएससी अब तक लगभग 140 परीक्षाएं इसी प्रणाली के तहत सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है। यह प्रणाली वैज्ञानिक, न्यायालय से मान्यता प्राप्त और देशभर में व्यापक रूप से स्वीकार की गई परीक्षा पद्धति है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) हर वर्ष लाखों उम्मीदवारों की परीक्षाएं सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली से आयोजित करता है। इसी प्रकार रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने लगभग एक करोड़ अभ्यर्थियों की परीक्षाएं इसी प्रणाली से सफलतापूर्वक आयोजित की हैं। महाराष्ट्र के स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) सेल ने भी हाल ही में 16.30 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं सीबीटी प्रणाली के माध्यम से आयोजित की हैं। इसके अलावा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) भी अपनी अधिकांश परीक्षाएं इसी प्रणाली से संचालित करती है। आयोग के अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज, विश्वसनीय और समयबद्ध बनेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी समाप्त होगी और लाखों अभ्यर्थियों को समय पर परिणाम एवं नियुक्ति मिलने का लाभ मिलेगा।



