सारथी संस्था के माध्यम से UPSC में 140, MPSC में 1,124 और बैंकिंग क्षेत्र में 500 से अधिक युवाओं ने हासिल की सफलता; ‘निपुण सेतु’ योजना से निजी क्षेत्र में रोजगार के मिलेंगे अवसर

पुणे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठा समाज के युवाओं के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, उद्यमिता और आधुनिक तकनीक आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से स्थापित छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं मानव विकास संस्था (सारथी) ने युवाओं के विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुणे के गणेश कला क्रीड़ा मंच में आयोजित उस सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे, जिसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, अण्णासाहेब पाटील आर्थिक मागास विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटील, सारथी के अध्यक्ष अजित निंबाळकर, प्रबंध निदेशक महेश पाटील सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सारथी संस्था के माध्यम से अब तक UPSC में 140, MPSC में 1,124 तथा बैंकिंग क्षेत्र में 500 से अधिक युवाओं ने सफलता प्राप्त की है। इसके अलावा विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार योग्य बनाया गया, जबकि दो लाख से अधिक विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मराठा समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार पर आधारित समग्र नीति अपनाई है। व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को शैक्षणिक शुल्क में 50 प्रतिशत तक की रियायत, बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा तथा भाऊसाहेब पंजाबराव देशमुख निर्वाह भत्ता योजना के तहत प्रति विद्यार्थी 60 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल को सशक्त बनाया गया है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 1.75 लाख से अधिक उद्यमी तैयार हुए हैं तथा 7,500 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए राज्य सरकार प्रतिवर्ष 1,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि आज केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं है। निजी क्षेत्र में भी बड़े अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कंप्यूटर तकनीक, भाषा प्रयोगशाला, टूल लैब और ड्रोन तकनीक जैसे आधुनिक क्षेत्रों में कौशल विकसित करना चाहिए। इसी दिशा में सारथी संस्था प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने ‘महाविस्तार’ नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एप शुरू किया है, जिसका उपयोग लगभग 50 लाख किसान कर रहे हैं। इसके साथ ही सारथी के माध्यम से युवाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा। उन्होंने जानकारी दी कि नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती, नागपुर, लातूर और कोल्हापुर में सारथी के क्षेत्रीय केंद्र, छात्रावास और प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण कार्य जारी है, जो अगले एक वर्ष में पूरा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में मेरिट सूची में चयनित होने के बावजूद सीमित रिक्तियों के कारण नौकरी से वंचित रहने वाले अभ्यर्थियों के लिए सरकार ‘निपुण सेतु’ नामक नई पहल शुरू करेगी। इसके तहत ऐसे युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि MPSC परीक्षाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से आयोजित करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से संबंधित कोई भी निर्णय विद्यार्थियों से व्यापक चर्चा और विश्वास में लेने के बाद ही किया जाएगा।
सारथी सामाजिक परिवर्तन और युवा सशक्तिकरण का प्रभावी अभियान : सुनेत्रा अजित पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि सारथी केवल एक सरकारी संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, शैक्षणिक प्रगति और युवा सशक्तिकरण का प्रभावी आंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के विचारों को सारथी संस्था व्यवहार में उतार रही है। उन्होंने बताया कि सारथी के माध्यम से अब तक UPSC में 140 और MPSC में 1,245 अधिकारियों का चयन हुआ है तथा हजारों युवक-युवतियां विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। इसके अलावा छत्रपति संभाजी महाराज व्यक्तित्व एवं कंप्यूटर कौशल विकास कार्यक्रम के जरिए हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। सुनेत्रा पवार ने कहा कि सारथी के प्रशासनिक मुख्यालय के साथ राज्य के आठ विभागीय केंद्रों तथा प्रत्येक केंद्र में 500 छात्र और 500 छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास निर्माण हेतु 1,360 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सारथी की किसी भी योजना के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने सारथी के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया और उन्हें समाज तथा राज्य के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।



