
मुंबई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को बारामती में हुए दुखद विमान हादसे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विश्वसनीय और पारदर्शी जांच की मांग की है। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनीतिक नेता अजीत पवार की मौत हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, अजीत पवार जिस चार्टर्ड बिजनेस जेट से यात्रा कर रहे थे, वह बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। घटना की खबर सामने आते ही देशभर में शोक और स्तब्धता का माहौल बन गया। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को “गहरा झटका” बताते हुए कहा कि इस दुर्घटना ने देश में राजनीतिक नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही उन अटकलों का भी उल्लेख किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अजीत पवार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को छोड़ने पर विचार कर रहे थे। ममता बनर्जी ने कहा- आज जो कुछ हुआ है, वह कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इतने बड़े और संवेदनशील मामले में केवल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में ही जांच पर जनता का भरोसा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अन्य किसी संस्था पर नहीं, बल्कि केवल सर्वोच्च न्यायालय पर ही भरोसा है। मुख्यमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी स्वतंत्रता खो दी है और इसीलिए जांच प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल एक हादसा है, बल्कि गणमान्य व्यक्तियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा एक व्यापक राष्ट्रीय मुद्दा भी है। अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले पवार की विरासत को याद करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इधर, विमानन अधिकारियों और राज्य सरकार ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।



