
मुंबई। राज्य में कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। महिला व बाल विकास विभाग महाराष्ट्र और चिल्ड्रन्स इन्व्हेस्टमेंट फंड फाउंडेशन (CIFF) के बीच पांच वर्ष का समझौता (MoU) किया गया है। इस पहल पर देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया कि इससे राज्य के मातृ एवं बाल पोषण सूचकांक में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह करार महिला व बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान CIFF की ओर से मंजुला सिंह और अखिल पालीअथ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन जिलों में शुरू होगा विशेष अभियान
समझौते के तहत कुपोषण से निपटने के लिए विशेष रणनीति लागू की जाएगी। प्रारंभिक चरण में पालघर, जालना, नंदुरबार, गडचिरोली और अमरावती जिलों में सघन रूप से कार्यक्रम चलाया जाएगा, जबकि राज्य स्तर पर तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।
DBT योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र महिलाओं तक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
पहले 1000 दिनों पर विशेष फोकस
इस साझेदारी के तहत गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों तक पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जागरूकता अभियान, पोषण शिक्षा और व्यवहार परिवर्तन पर भी जोर रहेगा।
डेटा आधारित मॉनिटरिंग और तकनीकी सहयोग
CIFF द्वारा पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और क्षेत्रीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण के माध्यम से योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाई जाएगी।सरकार का मानना है कि इस पहल से सेवा वितरण प्रणाली मजबूत होगी और महिला व बाल विकास विभाग की योजनाओं की पहुंच व गुणवत्ता में सुधार आएगा, जिससे राज्य के बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को नई दिशा मिलेगी।




