
मुंबई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू किया जाए। साथ ही, शैक्षणिक वर्ष 2026-27 और 2027-28 से चौथे वर्ष के ऑनर्स डिग्री पाठ्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक शैक्षणिक ढांचा तैयार किया जाए, ये निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने दिए। मंगलवार को मंत्रालय में राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की ऑनलाइन बैठक मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री पाटील ने कहा कि विद्यार्थियों की कठिनाइयों, शैक्षणिक प्रश्नों और विभिन्न समस्याओं को सीधे जानने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रति-कुलपति सप्ताह में एक दिन कम से कम 50 विद्यार्थियों से संवाद करें। इस संवाद के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाए।
कॉलेजों के क्लस्टर बनाकर संसाधनों का साझा उपयोग
एनईपी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के कॉलेजों के क्लस्टर निर्धारित किए जाएं। इन क्लस्टरों के बीच उपलब्ध मानव संसाधन, बुनियादी सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का अधिक से अधिक साझा उपयोग किया जाए, ऐसे निर्देश भी बैठक में दिए गए। इसके अलावा अन्य राज्यों में एनईपी किस तरह लागू की जा रही है, इसका अध्ययन करने के लिए परीक्षा नियंत्रक विभाग के प्रमुखों की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए। मुंबई विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा तैयार किए गए क्लस्टर पाठ्यक्रमों का गहन अध्ययन कर राज्य के लिए व्यापक और गुणवत्तापूर्ण क्लस्टर पाठ्यक्रम तैयार करने को कहा गया। प्रत्येक विश्वविद्यालय को हर महीने कम से कम एक क्लस्टर गतिविधि आयोजित करने के निर्देश भी मंत्री पाटील ने दिए।
2026-27 से समान शैक्षणिक कैलेंडर
मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के लिए एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके लिए आवश्यक कैलेंडर एक सप्ताह के भीतर निर्धारित कर उसका क्रियान्वयन शुरू किया जाए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित कार्यभार के अनुसार विश्वविद्यालयों में एकरूपता लाई जाए। आवश्यक पाठ्यक्रमों में भी समानता स्थापित कर उन्हें लागू करने के निर्देश दिए गए।
पेपर लीक रोकने के लिए जिम्मेदारी तय होगी
परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर विभाग द्वारा मार्गदर्शक नियमावली तैयार कर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पेपर लीक रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने वाला परिपत्र भी जारी किया जाएगा। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.वेणुगोपाल रेड्डी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर, महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल के निदेशक डॉ. प्रमोद नाईक, उच्च शिक्षा विभाग के उपसचिव प्रताप लुबाळ, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रवींद्र कुलकर्णी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व कुलपति डॉ. नितीन करमळकर सहित राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलपति ऑनलाइन उपस्थित थे।

