
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि आज की जटिल और तेजी से बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए पारंपरिक शैक्षणिक सीमाओं से आगे बढ़कर बहुविषयक (Multidisciplinary) शिक्षा अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, कौशल, नवाचार, आलोचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को आत्मसात कर भविष्य के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। बुधवार को पुणे स्थित MIT Art, Design and Technology (MIT-ADT) University में आयोजित 11वें विद्यारंभ समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल परिचय तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छात्रों को आधुनिक तकनीक और वैश्विक सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने के साथ-साथ भारत की समृद्ध सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से भी जुड़े रहना चाहिए। इसी संतुलन के माध्यम से वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। कार्यक्रम में MIT समूह संस्थानों के संस्थापक एवं कुलपति डॉ. विश्वनाथ डी. कराड, पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जे. डी. लक्ष्मीनारायण, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, प्र-कुलपति प्रो. डॉ. मंगेश कराड, उषा कराड, कुलगुरु प्रो. राजेश एस. तथा कार्यकारी निदेशक डॉ. सुनीता कराड सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, अधिकारी और छात्र उपस्थित रहे।

