Tuesday, March 17, 2026
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महाराष्ट्र सरकार और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (बर्कले) के बीच ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक करार

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अमेरिका के प्रतिष्ठित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (बर्कले) के साथ ऊर्जा अनुसंधान, नीति विकास और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग हेतु एक ऐतिहासिक सामंजस्य करार (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में विधान भवन स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में संपन्न हुआ, जिसमें कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर, ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, महावितरण के प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, महानिर्मिती के राधाकृष्णन बी., महापारेषण के संजीव कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस महत्वपूर्ण समझौते पर आभा शुक्ला और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सलाहकार मोहित भार्गव ने हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि, “कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय जैसी वैश्विक स्तर की संस्था के साथ यह सहयोग महाराष्ट्र को ऊर्जा क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और नीति निर्माण की दिशा में अग्रणी बनाएगा। यह समझौता ऊर्जा भंडारण, विद्युत बाजार सुधार, ट्रांसमिशन प्रणाली, जलवायु अनुकूल नीतियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में संयुक्त प्रयासों का द्वार खोलेगा। समझौते के तहत दोनों पक्ष स्वच्छ, विश्वसनीय और किफायती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्रिड प्रणाली में सुधार लाने, विद्युत बाजार संरचना के विकास, जलवायु-संवेदनशील नीतियों के निर्माण और व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे। यह सहयोग स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान खोजने के साथ-साथ राज्य की ऊर्जा क्षमता और संस्थागत दक्षता को भी सशक्त करेगा। अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला ने कहा कि यह समझौता महाराष्ट्र की ऊर्जा प्रणाली को पर्यावरण-अनुकूल, सतत और नवोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य की शैक्षणिक संस्थाएं, अनुसंधान केंद्र और प्रशासन इस साझेदारी के माध्यम से वैश्विक अनुभव और नवाचार से लाभान्वित होंगे। यह करार लचीले स्वरूप का है, जिससे भविष्य में नई परियोजनाओं और अनुसंधान पहलों के लिए सहयोग के नए द्वार खुले रहेंगे। यह करार राज्य की ऊर्जा नीति को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नेतृत्व हासिल करने की दिशा में निर्णायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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