
मुंबई। महाराष्ट्र की फिल्म, मीडिया और मनोरंजन उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मालाड स्थित प्रसार भारती (आकाशवाणी) की भूमि पर विश्वस्तरीय ‘एकीकृत फिल्म और टेलीविजन मीडिया हब’ विकसित करने के लिए महाराष्ट्र शासन और प्रसार भारती द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में उनके आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी, महाराष्ट्र फिल्म, रंगभूमि एवं सांस्कृतिक विकास महामंडल तथा एमआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मालाड स्थित इस भूखंड पर वर्तमान में एनडीजेड (नो डेवलपमेंट ज़ोन) और सीआरज़ेड (कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन) के नियम लागू हैं, जिसके कारण सीमित क्षेत्र में ही विकास कार्य संभव है। परियोजना के समग्र विकास के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमतियां, नियमों में आवश्यक संशोधन और विकास नियंत्रण नियमावली में बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परियोजना की पूर्व-व्यवहार्यता (Pre-Feasibility) रिपोर्ट, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तथा तकनीकी अध्ययन तैयार करने के लिए विशेषज्ञ सलाहकार संस्था की नियुक्ति की जाए। साथ ही परियोजना को गति देने के लिए प्रसार भारती, एमआईडीसी और महाराष्ट्र फिल्म, रंगभूमि एवं सांस्कृतिक विकास महामंडल के अधिकारियों की एक संयुक्त कार्यसमिति गठित की जाए। उन्होंने जून माह के अंत तक परियोजना के सभी घटकों और विकास आराखड़े (मास्टर प्लान) को अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए।
150 एकड़ क्षेत्र में होगा संयुक्त विकास
मालाड स्थित प्रसार भारती के पास कुल 278 एकड़ भूमि उपलब्ध है। इनमें से लगभग 150 एकड़ क्षेत्र को फिल्म नगरी के साथ समन्वित करते हुए संयुक्त विकास के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के लिए पहले ही प्रसार भारती, एमआईडीसी और महाराष्ट्र फिल्म, रंगभूमि एवं सांस्कृतिक विकास महामंडल के बीच एक सामंजस्य करार (MoU) किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि आकाशवाणी की अधिकांश प्रसारण सेवाएं अब एफएम आधारित प्रणाली पर स्थानांतरित हो रही हैं, जिसके कारण उपलब्ध भूमि का अधिक प्रभावी और उत्पादक उपयोग मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों के विस्तार के लिए किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं होंगी विकसित
प्रस्तावित मीडिया हब में अत्याधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें—
आधुनिक फिल्म स्टूडियो और मेगा शूटिंग कॉम्प्लेक्स, हाई-टेक साउंड स्टेज और पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं,
हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन विकास परियोजनाएं, आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र से जुड़ी आधुनिक संरचनाएं, फिल्म, टेलीविजन और संगीत से संबंधित अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थान एवं मीडिया, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और डिजिटल कंटेंट निर्माण के लिए विशेष केंद्र शामिल होंगे।
इन प्रशिक्षण संस्थानों के लिए विदेशों की प्रतिष्ठित शैक्षणिक और मीडिया संस्थाओं के साथ सहयोग स्थापित करने की भी योजना है, ताकि महाराष्ट्र को फिल्म एवं मीडिया शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाया जा सके।
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के साकार होने से मुंबई और महाराष्ट्र की पहचान एक वैश्विक मीडिया एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। इससे फिल्म निर्माण, टेलीविजन, डिजिटल मीडिया, एनीमेशन, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना महाराष्ट्र के रचनात्मक उद्योगों को नई दिशा देने के साथ-साथ राज्य को वैश्विक फिल्म और मीडिया मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



