
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत से आयात होने वाले माल पर टैरिफ लगाकर कठिनाई पैदा की गई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इन चुनौतियों से भयभीत हुए बिना आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय उद्योगों को वैकल्पिक बाजार खोजकर इस टैरिफ संकट को अवसर में बदलना चाहिए। सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित वैश्विक आयात-निर्यात नीति पर उपाय योजनाओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और अधिक सशक्त करने के लिए स्वतंत्र वॉर रूम स्थापित किया जाएगा और हर महीने इसकी समीक्षा होगी। इस बैठक में मुख्य सचिव राजेश कुमार, रक्षा मंत्रालय के मुख्य सलाहकार (सेवानिवृत्त) अपूर्व चंद्रा, मित्रा संस्था के सीईओ प्रवीण सिंह परदेशी, निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी औद्योगिक पार्कों को प्रोत्साहन दिया जाए और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) को औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर भी पार्क विकसित करने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए, जिसमें छोटे और मध्यम उद्योगों को प्राथमिकता मिले। उद्यमियों को शीघ्र लाइसेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो ताकि औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने आगे कहा कि नए और मौजूदा उद्योगों के विकास के लिए सरकार सकारात्मक नीति अपना रही है। सिंगल विंडो पोर्टल को और सक्षम किया जाएगा ताकि अनुमति में देरी न हो। पाँच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र वाले कृषि-प्रसंस्करण अथवा कृषि-आधारित उद्योगों के लिए अनुमति की आवश्यकता समाप्त करने की व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधार केवल कागज़ों पर न रहकर वास्तविक बदलाव लाएँ। शहरों के पास स्थापित होने वाले उद्योगों के अनुमतियों की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हो, औद्योगिक भूमि मापन की गति तेज़ हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाने वाले उद्योगों पर अतिरिक्त दंड न लगे।




