
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सनातन धर्म के प्रचार से जुड़ी साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मौत के करीब चार घंटे बाद इंस्टाग्राम अकाउंट से एक कथित सुसाइड नोट पोस्ट होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
मौत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी रहस्यमयता
साध्वी की मृत्यु के चार घंटे बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आए पोस्ट में जीवन, सनातन धर्म और न्याय की अपेक्षा का उल्लेख किया गया है। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि यह पोस्ट पहले से शेड्यूल हो सकता है, जो मौत के बाद अपने आप प्रकाशित हुआ। पुलिस इस तकनीकी पहलू की जांच कर रही है।
वायरल वीडियो और ब्लैकमेलिंग के आरोप
बीते कुछ समय से साध्वी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। साध्वी ने आरोप लगाया था कि उनके पिता से जुड़े एक वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से फैलाया गया। उन्होंने ब्लैकमेलिंग की शिकायत भी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी।
दोबारा वीडियो वायरल होने के बाद ट्रोलिंग
आरोप है कि आरोपी के जेल से बाहर आने के बाद उसी वीडियो को दोबारा एडिट कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया। इसके बाद साध्वी को भारी ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या लगातार सोशल मीडिया दबाव ने उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला।
आश्रम में हंगामा, पोस्टमार्टम को लेकर तनाव
मौत के बाद आरती नगर स्थित आश्रम में हंगामे की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने मामले में सच्चाई छुपाने के आरोप लगाए। साध्वी के पिता द्वारा शुरुआत में पोस्टमार्टम से इंकार किए जाने पर लोगों ने विरोध किया और पोस्टमार्टम की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल
समर्थकों ने आश्रम से सीसीटीवी फुटेज गायब होने का भी आरोप लगाया है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। देर रात पार्थिव शरीर को महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया, जहां आज पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया ट्रोलिंग, ब्लैकमेलिंग, सुसाइड नोट की प्रामाणिकता और तकनीकी तथ्यों सहित हर पहलू से जांच की जा रही है।




