
झांसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड स्वयंसेवक भर्ती परीक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को नकल, पेपर लीक या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। पहली बार यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से आयोजित हो रही है, इसलिए सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षार्थियों की सुविधा पर विशेष जोर
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और छाया की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से धूप में प्रतीक्षा न करनी पड़े और यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रहे।
कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, जातीय तनाव भड़काने की साजिशों पर भी विशेष नजर रखने और अराजक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्मार्ट मीटर और जनसुविधाओं पर निर्देश
बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में फीडर स्तर पर विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाए और व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
औद्योगिक शांति और सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल से 2 मई के बीच संभावित औद्योगिक अशांति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी जिलों में बारूद गोदामों और आतिशबाजी कारखानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
पेट्रोलियम आपूर्ति पर स्थिति सामान्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार के पैनिक की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा कर आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में झांसी से जिलाधिकारी गौरांग राठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों को आगामी दिनों में प्रशासनिक सख्ती और बेहतर प्रबंधन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।




