
मुंबई। मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों (अप्रैल–मई 2026) में यात्री सेवा और माल ढुलाई दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए कुल ₹2844.94 करोड़ की आय अर्जित की। इस अवधि में मध्य रेल ने 25.76 करोड़ यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सेवा प्रदान की तथा 14.13 मिलियन टन से अधिक माल एवं पार्सल का परिवहन किया।यात्री परिवहन के क्षेत्र में मध्य रेल को ₹1357.20 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹1176.47 करोड़ की तुलना में 15.36 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि यात्रियों की बढ़ती संख्या और बेहतर सेवाओं का परिणाम मानी जा रही है।माल ढुलाई के क्षेत्र में भी मध्य रेल का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। अप्रैल–मई 2026 के दौरान 14.13 मिलियन टन माल का परिवहन किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 13.58 मिलियन टन की तुलना में 4.05 प्रतिशत अधिक है। माल परिवहन से ₹1433.12 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।पार्सल परिवहन में भी मध्य रेल ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 0.89 लाख टन पार्सल का परिवहन किया, जिससे ₹45.20 करोड़ की आय हुई। पार्सल वैन लीजिंग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान में 226 एसएलआर (SLR) लीज पर हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 163 थी। इससे वर्ष 2026-27 में अब तक ₹17.22 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹12.35 करोड़ से काफी अधिक है। वहीं 24 वीपी (VP) लीज पर हैं, जिनसे ₹9.82 करोड़ की आय हुई।मध्य रेल ने समयबद्ध और लीज आधारित पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेनों का भी सफल संचालन किया। वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 45 पार्सल कार्गो ट्रिप्स संचालित किए गए। इनमें भिवंडी रोड–सांकरैल गुड्स टर्मिनल साप्ताहिक ट्रेन के 9 फेरे संचालित कर ₹1.85 करोड़ की आय अर्जित की गई। वहीं देवलाली–दानापुर शेतकरी समृद्धि एक्सप्रेस के 9 फेरों से ₹0.44 करोड़ तथा भिवंडी रोड–सांकरैल गुड्स टर्मिनल विशेष मिश्रित ट्रेन के 9 फेरों से ₹1.72 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।इसके अतिरिक्त, नागपुर मंडल में रेणिगुंटा–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस से जुड़े 29 रेलवे मिल्क टैंकरों के संचालन से ₹0.37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया गया।मध्य रेल ने कहा है कि वह यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने तथा रेलवे परिसंपत्तियों के अधिकतम उपयोग के माध्यम से व्यापार, उद्योग और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह उपलब्धि रेलवे की बढ़ती परिचालन क्षमता, बेहतर प्रबंधन और यात्री-केंद्रित सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



