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शिवाजी पार्क में ठाकरे बंधुओं की ‘विजय रैली’, NEET आंदोलन की जीत पर युवाओं का उमड़ा सैलाब

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया छात्र एकता की जीत; पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले 21 छात्रों को दी श्रद्धांजलि

इंद्र यादव/मुंबई। NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर रविवार को मुंबई का शिवाजी पार्क एक बड़े राजनीतिक और युवा शक्ति प्रदर्शन का गवाह बना। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक साथ ‘विजय रैली’ को संबोधित किया। हल्की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में युवा और समर्थक शिवाजी पार्क पहुंचे। रैली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन और युवाओं की एकजुटता की जीत के रूप में पेश किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले बताए गए 21 छात्रों को श्रद्धांजलि देकर की गई। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे सहित मंच पर मौजूद नेताओं तथा उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखा। इसके बाद छात्रों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
‘चुनाव नहीं, देशभक्त लोगों ने अंधभक्तों को हराया’
रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा– आज कोई चुनाव नहीं जीता गया है। देशभक्त लोगों ने अंधभक्त लोगों को हरा दिया है। अब यह लड़ाई भाजपा और पूरे देश के बीच शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे ने छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की एकजुटता और संघर्ष ने सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की ताकत का परिणाम बताते हुए कहा, “युवाओं ने अपनी एकता से देश के लोकतंत्र में एक नया और सुनहरा अध्याय लिख दिया है। वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं चुराए जा सकते।”
प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “मोदी जी, आपके पसंदीदा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाना आपके लिए कितना दर्दनाक था? क्या वह दर्द उन परिवारों के दर्द से भी ज्यादा था, जिनके बच्चों ने अपनी जान दे दी?” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मंत्री देश की समस्याओं को हल करने के बजाय विपक्षी दलों को तोड़ने में अधिक व्यस्त हैं। वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि महंगाई और रुपये की गिरती कीमत जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय पेपर लीक को लेकर तर्क दिए जा रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री को देश की सीमाओं की रक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि शिक्षा मंत्री के बचाव में उतरना चाहिए।
नितिन गडकरी पर भी उद्धव का तंज
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर भी उद्धव ठाकरे ने तंज कसा। उन्होंने कहा– खड्डे वाले मंत्री अब इथेनॉल यानी E20 पेट्रोल की बात कर रहे हैं। यह अगला बड़ा मुद्दा बनेगा।अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने छात्र आंदोलन को केवल NEET विवाद तक सीमित न रखते हुए इसे सरकार की जवाबदेही और लोकतंत्र से जोड़ने का प्रयास किया।
‘Gen Z ने दिखा दिया कि सरकार को चुनौती दे सकती है’
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन ने साबित कर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी यानी ‘Gen Z’ संगठित होकर सरकार को चुनौती दे सकती है और अपनी मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष कर सकती है। राज ठाकरे ने रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए दिल्ली पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस के रवैये की तुलना की। उन्होंने कहा कि देश ने दोनों जगह पुलिस के व्यवहार का अंतर देखा है।
बारिश के बीच तिरंगा और संविधान लेकर पहुंचे युवा
रविवार सुबह से मुंबई में हल्की बारिश के बावजूद शिवाजी पार्क में युवाओं की भीड़ जुटती रही। इनमें बड़ी संख्या कॉलेज के छात्र-छात्राओं की थी। कई युवा हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे, जबकि कुछ के हाथों में संविधान की प्रतियां और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पोस्टर दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर चर्चित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े मीम्स और पोस्टर भी रैली में नजर आए। बारिश के बीच रेनकोट और छाते लेकर खड़े युवाओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलन की जीत बताते हुए नारे लगाए। एक दिन पहले शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अपना 36 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी। इसके अगले ही दिन शिवाजी पार्क में आयोजित ‘विजय रैली’ में छात्र आंदोलन की उपलब्धियों को प्रमुखता से उठाया गया।
‘अपनी जागरूकता और जोश कम मत होने देना’
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने युवाओं से आंदोलन के बाद भी जागरूक और सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन की सफलता केवल एक मांग पूरी होने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि युवाओं को लोकतांत्रिक मुद्दों पर लगातार सजग रहना होगा। दोनों नेताओं ने युवाओं से कहा– अपनी जागरूकता को कम मत होने दो। सत्ता में बैठे लोगों का घमंड बर्दाश्त मत करो। आपने लोगों की ताकत दिखा दी है। अब किसी को भी इस देश को कमजोर करने मत दो। शिवाजी पार्क की ‘विजय रैली’ में NEET पेपर लीक, छात्र आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर भी राजनीतिक संदेश दिए गए। ठाकरे बंधुओं ने युवाओं की एकजुटता को आगे भी बनाए रखने का आह्वान करते हुए साफ संकेत दिया कि छात्र और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को महाराष्ट्र की राजनीति में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

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