
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) की यात्री सेवाओं में अधिक पारदर्शिता, सुविधा और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए 1 अगस्त 2026 से महिला, वरिष्ठ नागरिक और अमृत ज्येष्ठ नागरिक यात्रियों के लिए एनसीएमसी (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) स्मार्ट कार्ड अनिवार्य किया जाएगा। शुक्रवार को यह जानकारी परिवहन मंत्री तथा एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दी। इस निर्णय के बाद राज्यभर में एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड पंजीकरण और वितरण अभियान को गति मिली है। अब तक लगभग 51 लाख नागरिकों ने स्मार्ट कार्ड के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें से करीब 25 लाख कार्ड सक्रिय किए जा चुके हैं। शेष पंजीकृत लाभार्थियों के कार्ड भी जल्द ही सक्रिय किए जाएंगे। सरकार ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपनी प्रक्रिया पूरी करें। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्ड वितरण प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके, इसके लिए राज्यभर में 4,000 से अधिक स्मार्ट कार्ड वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को आसानी से कार्ड उपलब्ध कराने के लिए ये केंद्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट कार्ड वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेकर कार्ड बेचने वाले केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनका वितरण लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य महिला, वरिष्ठ नागरिक और अमृत ज्येष्ठ नागरिकों को विभिन्न यात्रा रियायतों का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना, टिकट वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना तथा यात्रा प्रबंधन को डिजिटल और प्रभावी बनाना है। इसलिए संबंधित लाभार्थियों से आग्रह किया गया है कि वे 1 अगस्त 2026 से पहले अपना एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर उसे सक्रिय करा लें, ताकि यात्रा सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।



