
सूरत। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के तत्त्वावधान में गठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (बैंक) की 30वीं बैठक 29 जनवरी 2026 को सूरत में सफल आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भारतीय स्टेट बैंक, सूरत मॉड्यूल के उप महाप्रबंधक राजेश कुमार ने की। नराकास के सचिव एवं एसबीआई के मुख्य प्रबंधक (राजभाषा) संजीव पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि सदस्य बैंकों में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई और विभिन्न बैंकों द्वारा हिंदी में किए जा रहे पत्राचार व आधिकारिक कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के दौरान हिंदी के प्रयोग की स्थिति संतोषजनक पाई गई, जो राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति बैंकों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बैठक का विशेष आकर्षण समिति की अर्धवार्षिक पत्रिका ‘तापी प्रवाह’ का विमोचन रहा। इस अंक के फ्रंट कवर पर ‘वंदे मातरम’ गीत के प्रादुर्भाव की ऐतिहासिक घटना को चित्रित किया गया है, जबकि बैक कवर पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी को समर्पित है। दोनों कवर मिलकर लगभग 250 वर्षों के ऐतिहासिक कालखंड को समेटते हुए भारतीय राष्ट्रवाद और आधुनिक भारत के विकास यात्रा को रेखांकित करते हैं। बैठक में विभिन्न सरकारी बैंकों के वरिष्ठ कार्यपालक एवं राजभाषा अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में बैंकों द्वारा आयोजित हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ बैठक का समापन हुआ। यह आयोजन बैंकों में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों और इसके बढ़ते प्रयोग को और अधिक मजबूती देने वाला साबित हुआ।





