
देवेश प्रताप सिंह राठौर/ झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पारीछा डैम, सुकुवां ढुकुवां डैम और बरुआसागर झील पर बारिश के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
राहत एवं बचाव की व्यापक तैयारी के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा से पहले और बाद की कार्ययोजना तैयार करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को विगत वर्षों के बाढ़ अनुभवों के आधार पर अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि अचानक बाढ़ की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
40 बाढ़ चौकियां अलर्ट पर
जनपद की सभी 40 बाढ़ चौकियों को पहले से ही सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत शिविर, नाव, नाविक, जीवनरक्षक उपकरण और मोटरबोट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए सभी बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य टीम की तैनाती, एंटीवेनम सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की तैयारी
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया कि सभी बांधों और स्परों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य बरसात से पहले पूरा किया जाए। बिजली विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पोल और तार मजबूत करने तथा वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों को अलर्ट करने की व्यवस्था
संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के निवासियों की सूची तैयार कर उनके मोबाइल नंबर अपडेट करने और आपदा की स्थिति में समय रहते अलर्ट संदेश भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
पशुधन और पेयजल व्यवस्था
पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता और टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नगर निकायों को पेयजल टैंकरों की सफाई और राहत शिविरों में जल आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया। बैठक में सीडीओ रामेश्वर सुधाकर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, एडीएम वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी टीम भावना से कार्य करते हुए किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव सुनिश्चित करें, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।




