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झांसी में 1.02 करोड़ से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य, डीएम गौरांग राठी ने दिए मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण के निर्देश

झांसी, उत्तर प्रदेश। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरणीय समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 के वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यापक स्तर पर पौधारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जनपद झांसी को इस वर्ष 1 करोड़ 2 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग, स्थानीय निकाय, आवास विकास, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, परिवहन, रक्षा, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों को अपने-अपने निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा आवंटित लक्ष्य में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि जिन नगर निकायों में वृक्षारोपण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां मियावाकी पद्धति अपनाते हुए बायोफेंसिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि पौधों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्राम सभा की भूमि का भी संरक्षण हो सके। उन्होंने ग्राम सभाओं का माइक्रोप्लान तैयार करने तथा बड़े पैमाने पर मियावाकी मॉडल के तहत पौधारोपण कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही खनन पट्टाधारकों को भी अपने क्षेत्रों में इसी पद्धति से वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। “मिशन छाया” के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को सड़कों के किनारे पौधारोपण कराने तथा ग्राम प्रधानों को भी ग्रामीण सड़कों के आसपास वृक्ष लगाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने किसानों को पौधे उपलब्ध कराकर चकरोडों पर वृक्षारोपण कराने, अमृत सरोवरों के किनारे पौधे लगाने तथा ग्राम सभाओं में बायोफेंसिंग के माध्यम से हरित क्षेत्र विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में युवक मंगल दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पोषण वाटिका, वंदे मातरम् वाटिका, युवा वन और कपि वन जैसी विशेष परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कपि वन में आम, जामुन सहित अन्य फलदार पौधे लगाने तथा पोषण वाटिका में सहजन के पौधों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जनपद की 67 गौशालाओं का अनुबंध हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गौशालाओं की भूमि पर भी बायोफेंसिंग के साथ वृक्षारोपण कराया जाए तथा पौधों के संरक्षण के लिए गड्ढों में गोबर खाद और जैविक उर्वरकों का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वृक्षारोपण जन अभियान-2026 की सफलता के लिए वन विभाग की पौधशालाओं से पौधों के सुरक्षित परिवहन, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता, नियमित सिंचाई, निराई-गुड़ाई तथा पौधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि वन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पौधशालाओं में 83 विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं और अभियान के लिए पर्याप्त पौध उपलब्ध हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, एसीएमओ डॉ. अंशुमान तिवारी, एआरटीओ एस.के. अग्रवाल, डीसी मनरेगा शिखर कुमार श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल, आयुष रविंद्र भारती सहित वन, उद्यान, नगर विकास, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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