
झांसी, उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के भास्कर इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज्म (BIMCJ) ने मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट कॉलेजेस रैंकिंग 2026 में पहली ही भागीदारी में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। संस्थान ने स्नातक (मास कम्यूनिकेशन/जर्नलिज्म) श्रेणी में देशभर में 42वीं रैंक प्राप्त कर शीर्ष 50 संस्थानों में स्थान बनाया है। इस उपलब्धि के साथ बीआईएमसीजे देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईएमसी (नई दिल्ली), सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय तथा मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन (एमएएचई) की श्रेणी में शामिल हो गया है। इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष संस्थानों में स्थान बनाना विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए मानकों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बीआईएमसीजे की यह उपलब्धि दर्शाती है कि स्पष्ट रणनीति, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण प्रयासों के बल पर विश्वविद्यालय के विभाग राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया ने इसे संस्थान के लिए असाधारण उपलब्धि बताते हुए कहा कि पहले ही प्रयास में 42वीं रैंक प्राप्त करना टीम की मेहनत और उच्च शैक्षणिक मानकों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। संस्थान के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरे संस्थान की टीम को देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय पहचान शिक्षकों और शोधार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. राघवेंद्र दीक्षित तथा शोधार्थियों देवेंद्र और अतीत विजय के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। गौरतलब है कि इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट कॉलेजेस रैंकिंग 2026 का मूल्यांकन बेहद कठोर मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें 65 प्रतिशत प्रामाणिक संस्थागत डेटा तथा 35 प्रतिशत देशव्यापी सर्वेक्षण को आधार बनाया जाता है। मूल्यांकन में संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, वैधानिक मान्यता, पीएचडी-धारक संकाय, आधुनिक डिजिटल मीडिया लैब एवं स्मार्ट क्लासरूम जैसी आधारभूत सुविधाएं, पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, मीडिया उद्योग से इंटर्नशिप और जुड़ाव, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, निवेश पर प्रतिफल (ROI), छात्र क्लबों की गतिविधियां तथा देशभर के मीडिया विशेषज्ञों और रिक्रूटर्स के बीच संस्थान की प्रतिष्ठा जैसे विभिन्न मानकों का विस्तृत आकलन किया जाता है।बीआईएमसीजे की यह उपलब्धि न केवल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। यह सफलता क्षेत्र में मीडिया शिक्षा की बढ़ती गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्वीकार्यता का भी प्रमाण है।



