Friday, April 17, 2026
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राज्य में चार वर्षीय डिग्री के चौथे वर्ष के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य: मंत्री चंद्रकांत पाटील

मुंबई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के ‘ऑनर्स’ और ‘ऑनर्स विथ रिसर्च’ के चौथे वर्ष के लागू करने को लेकर उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा संचालनालय के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के सभी वरिष्ठ महाविद्यालयों के प्राचार्यों, संचालकों और प्राध्यापकों के लिए तीन दिवसीय विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया है। इसमें सभी संबंधितों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। गुरुवार को उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने निर्देश देते हुए कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से राज्य में चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम का चौथा वर्ष लागू किया जाएगा। इस नए चरण के प्रभावी और समान क्रियान्वयन के लिए यह प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अमल में महाराष्ट्र देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मंत्री पाटील ने बताया कि नई शिक्षा व्यवस्था के तहत ‘क्रेडिट फ्रेमवर्क’, ‘मल्टीपल एंट्री और एग्जिट’ तथा ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC)’ जैसे तकनीकी पहलुओं की गहन समझ विकसित करना जरूरी है, ताकि क्रियान्वयन में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। इसके लिए प्रशिक्षण को अनिवार्य किया गया है और आगे भी ऐसे सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। सरकारी निर्णय के अनुसार, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध और स्वायत्त महाविद्यालयों में आगामी शैक्षणिक वर्ष से चौथे वर्ष को लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसी के तहत जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। मंत्री पाटील ने इस नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में महाराष्ट्र राज्य शैक्षणिक संशोधन व प्रशिक्षण परिषद के योगदान की सराहना की और इसके अध्यक्ष प्रो. डॉ. रवींद्र कुलकर्णी व उनकी टीम को बधाई दी। प्रशिक्षण सत्र में डॉ. रवींद्र कुलकर्णी ने चौथे वर्ष के पाठ्यक्रम के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव वेणुगोपाल रेड्डी सहित राज्यभर के महाविद्यालयों के प्राचार्य, संचालक और प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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