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महाराष्ट्र में शुरू होगी सहकारी एग्रीगेटर टैक्सी सेवा, जल्द बनेगी नियमावली: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। महाराष्ट्र में ऑनलाइन ऐप आधारित एग्रीगेटर सहकारी टैक्सी सेवा शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि परिवहन विभाग इस सेवा के लिए जल्द नियमावली तैयार करेगा और आवश्यक अनुमति प्रदान की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि एग्रीगेटर सहकारी टैक्सी व्यवस्था से लाखों चालकों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मॉडल चालकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवा उपलब्ध कराएगा। साथ ही इस सेवा के माध्यम से छोटे शहरों तक भी परिवहन सुविधाओं का विस्तार संभव होगा। बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ, विधायक रवींद्र चव्हाण, प्रविण दरेकर, प्रसाद लाड, प्रशांत ठाकूर, महेश बलदी, रणधीर सावरकर, परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि वर्तमान में राज्य में कई निजी कंपनियां ऑनलाइन ऐप आधारित एग्रीगेटर टैक्सी सेवाएं संचालित कर रही हैं, लेकिन चालकों को सामाजिक सुरक्षा और आय संबंधी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नई सहकारी व्यवस्था का उद्देश्य चालकों को केवल श्रमिक नहीं, बल्कि मालिक बनाना और सहकारिता के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल भी ‘छावा’ नाम से अपना ऐप विकसित कर रहा है।
बैठक में सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी) के प्रतिनिधि कर्नल हिमांशु ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित सेवा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत मुंबई से की जाएगी और बाद में इसे पुणे तथा नागपुर सहित अन्य शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।
भारत टैक्सी सेवा की विशेषताएं
केंद्रीय गृह एवं सहकार मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में विकसित की जा रही ‘सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी)’ की अवधारणा का उद्देश्य देश के लगभग दो करोड़ व्यावसायिक चालकों का आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक सशक्तिकरण करना है। इस मॉडल के तहत चालकों को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि वाहन स्वामित्व, सामाजिक सुरक्षा और न्यायसंगत आय का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें परिवार, स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना के तहत लगभग 9.5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ भी चालकों और उनके परिवारों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य में सहकारिता आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ चालक समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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