
इंद्र यादव/मुंबई। नवी मुंबई के व्यावसायिक और राजनीतिक हलकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला आघाड़ी की उप-जिला प्रमुख पूजा बनसोडे को जबरन वसूली (रंगदारी) के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने एक कबाड़ व्यवसायी से 2 लाख रुपये की मांग की थी और इनकार करने पर दुकान में घुसकर मारपीट की।मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यवसायी नवी मुंबई के इंदिरा नगर इलाके में कबाड़ (स्क्रैप) की दुकान चलाते हैं। आरोप है कि पूजा बनसोडे और उनके साथियों ने व्यवसायी को धमकाया कि अगर उन्हें अपनी दुकान सुचारू रूप से चलानी है, तो 2 लाख रुपये का ‘हफ्ता’ देना होगा। व्यापारी ने जब इस अवैध मांग को ठुकरा दिया, तो आरोपी भड़क गए। आरोप है कि पूजा बनसोडे अपने चार साथियों के साथ सीधे दुकान में घुस गईं। वहां उन्होंने न केवल व्यापारी और उनके कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें बेरहमी से पीटा और धमकाया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल फैल गया था।पीड़ित व्यापारी ने बिना समय गंवाए तुर्भे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मामला दर्ज किया और मुख्य आरोपी पूजा बनसोडे को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में मुख्य रूप से पांच लोग शामिल थे। गिरफ्तार महिला नेत्री के अलावा अन्य चार आरोपियों की पहचान रमजान शेख, सरिता सरवदे, नरेंद्र साकवार और हुसैन शेख के रूप में हुई है। तुर्भे एमआईडीसी पुलिस ने फरार चारों आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। सत्ताधारी दल की एक महिला पदाधिकारी का नाम इस तरह के गंभीर मामले में आने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। हालांकि, पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून अपना काम कर रहा है और यह कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर की जा रही है।फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वसूली रैकेट के पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।


