धारावी और म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास के साथ बदलेगी मुंबई की तस्वीर, BEST डिपो का भी होगा आधुनिक विकास

मुंबई। मुंबई के सर्वांगीण पुनर्विकास के लिए क्लस्टर पद्धति से योजना तैयार की गई है और अगले 10 वर्षों में मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। धारावी पुनर्विकास, म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास और बेस्ट डिपो के आधुनिक विकास से आने वाले वर्षों में मुंबई की तस्वीर बदल जाएगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘नरेडको महाराष्ट्र’ के ‘चेंज ऑफ गार्ड’ कार्यक्रम में यह बात कही। कार्यक्रम में नरेडको महाराष्ट्र नेक्स्टजेन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रौनक बांदेलकर सहित रियल एस्टेट क्षेत्र के कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नरेडको ने निर्माण क्षेत्र में सुधार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और व्यावसायिक समुदाय के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है। मुंबई का विकास आराखड़ा तैयार करते समय नरेडको, एमसीएचआई और क्रेडाई सहित निर्माण क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं ने सरकार के साथ मिलकर काम किया, जिससे मुंबई के लिए प्रगतिशील विकास योजना तैयार हो सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली तिमाही की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि इसी अवधि में महाराष्ट्र ने 8.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। राज्य की इस आर्थिक प्रगति में रियल एस्टेट क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।
धारावी पुनर्विकास को मिलेगी रफ्तार
फडणवीस ने कहा कि मुंबई के विकास का अगला बड़ा चरण पुनर्विकास का है। क्लस्टर पद्धति से शहर के विकास की योजना बनाई गई है और धारावी पुनर्विकास का काम शुरू हो चुका है। जनवरी 2029 तक धारावी में 10 हजार पुनर्वास आवास तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले विकसित म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास की भी बड़ी आवश्यकता है। उपलब्ध भूमि का अधिक प्रभावी और योजनाबद्ध इस्तेमाल कर मुंबई के पुनर्विकास को गति दी जाएगी।
BEST डिपो का होगा कायाकल्प
मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट के डिपो का भी आधुनिक तरीके से पुनर्विकास किया जाएगा। यहां आधुनिक बस स्टेशन और यात्री सुविधाओं के साथ व्यावसायिक एवं आवासीय विकास किया जाएगा। संग्रहालय, खेल मैदान और मनोरंजन सुविधाओं को भी इसमें शामिल करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेस्ट को आय के नए स्रोत मिलेंगे और मुंबई की शहरी संरचना में भी बड़ा बदलाव आएगा।
2047 तक MMR की अर्थव्यवस्था 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ विकास योजना बनाई गई है। एमएमआर के साथ पुणे और नागपुर महानगर क्षेत्रों में अगली पीढ़ी के शहरीकरण को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एमएमआर में भारत की करीब 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता विकसित हो रही है। इसके साथ स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और डीप टेक का मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है।
‘मुंबई 3’ की अवधारणा अब जमीन पर
फडणवीस ने कहा कि ‘मुंबई 3’ अब केवल भविष्य की अवधारणा नहीं है, बल्कि इस पर अमल शुरू हो गया है। स्मार्ट सिटी, एजु-सिटी, मेडि-सिटी और इनोवेशन सिटी सहित विभिन्न नए शहरी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। उत्तन से विरार के बीच 24 किलोमीटर लंबा सी-लिंक भी बनाया जाएगा। इस परियोजना से मुंबई की यातायात व्यवस्था को तेज और अधिक सिग्नल मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
वाढवण बंदर से ‘चौथी मुंबई’ को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाढवण बंदर जेएनपीटी से करीब तीन गुना बड़ा होगा और देश की समुद्री अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। इस बंदरगाह से अकेले पालघर जिले में करीब 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके लिए नए शहरी केंद्र विकसित किए जाएंगे और इसी के माध्यम से ‘चौथी मुंबई’ के विकास को गति मिलेगी। वाढवण बंदर और जेएनपीटी को नाशिक से जोड़ने के लिए समर्पित मालवाहक मार्ग तथा समृद्धि महामार्ग के माध्यम से जालना, वर्धा और आगे गडचिरोली तक कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे बंदरगाह आधारित विकास का लाभ महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकेगा।
पुणे और नागपुर में भी बड़े विकास की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर में ‘न्यू नागपुर’ विकसित किया जा रहा है, जहां उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र के उद्यमियों से इन अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। पुणे में नए हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और इसी वर्ष निर्माण की निविदा प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। नए एयरपोर्ट के आसपास ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। मुंबई-पुणे कॉरिडोर को ‘क्वांटम कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने का भी लक्ष्य है।
AI से बदलेगा रोजगार और कारोबार का स्वरूप
फडणवीस ने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी युवा है और महाराष्ट्र में 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के करीब तीन करोड़ युवा हैं। तकनीक से परिचित यह पीढ़ी विकास के नए अवसर पैदा करेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण आने वाले समय में रोजगार और कारोबार के स्वरूप में बड़े बदलाव होंगे। निर्माण क्षेत्र को भी नई तकनीकों को अपनाकर तेज और आधुनिक निर्माण पद्धतियां विकसित करनी होंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में नरेडको चेयरमैन कमलेश ठाकूर और नागपुर एनएमआरडीए आयुक्त संजय मीना के बीच समझौते का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर ‘नवीन नागपुर’ के लोगो का भी अनावरण किया गया।

