
पुराने पुणे नाका से बोरामणी नाका तक 9.66 किमी लंबा होगा मार्ग, फडणवीस कैबिनेट ने परियोजना को घोषित किया अत्यावश्यक सार्वजनिक प्रोजेक्ट
मुंबई। सोलापुर शहर को यातायात जाम से राहत दिलाने और अंतरराज्यीय आवागमन को सुगम बनाने के लिए पुराने पुणे नाका से बोरामणी नाका तक प्रस्तावित चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को ‘अत्यावश्यक सार्वजनिक परियोजना’ घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के बाद परियोजना के लिए आवश्यक विभिन्न सरकारी विभागों की जमीन बिना किसी अधिभोग मूल्य के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हस्तांतरित की जा सकेगी। इससे भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी आने के साथ परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद परियोजना की आवश्यकता और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई। सरकार के मुताबिक, परियोजना पूरी होने के बाद सोलापुर शहर और जिले के साथ अंतरराज्यीय यातायात भी अधिक सुगम होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-65 पर सोलापुर शहर से गुजरने वाले पुराने पुणे नाका से बोरामणी नाका के बीच वर्तमान में यातायात का भारी दबाव रहता है। इसे देखते हुए इस हिस्से में चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ आवश्यकता के अनुसार सर्विस रोड और एप्रोच रोड विकसित किए जाएंगे। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
9.66 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
प्रस्तावित परियोजना के तहत 9.660 किलोमीटर लंबा चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें छह रैंप और तीन छोटे पुल भी शामिल होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 1,020.50 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना के लिए आवश्यक अधिकांश जमीन वर्तमान में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कब्जे में है। महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इसे अत्यावश्यक सार्वजनिक परियोजना घोषित किया गया है। साथ ही संबंधित सरकारी विभागों की जमीन बिना अधिभोग मूल्य वसूले NHAI को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है।
जाम से राहत, सफर होगा तेज और सुरक्षित
राज्य सरकार के अनुसार एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से सोलापुर शहर में यातायात जाम कम होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा अधिक सुरक्षित एवं तेज होगी। वाहनों के निर्बाध आवागमन से ईंधन की बचत होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। इस परियोजना से सोलापुर और आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि विकास को भी गति मिलने की संभावना है। इसके अलावा तुलजापुर, पंढरपुर, अक्कलकोट, गाणगापुर और सोलापुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन सुगम होगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना सोलापुर शहर के नियोजित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ शहर के वस्त्र एवं विशेष कपड़ा उद्योग को भी बेहतर परिवहन संपर्क उपलब्ध कराएगी।

