
मुंबई। राज्य में बंदरगाह एवं समुद्री क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के छह चयनित आईटीआई संस्थानों में विशेष कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक तैयारियां तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को मंत्रालय में मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बंदरगाह विभाग से संबंधित आईटीआई कौशल विकास एवं डिग्री पाठ्यक्रमों की शुरुआत के लिए आवश्यक अधिसूचना जारी करने और अन्य प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंधुदुर्ग, नासिक, पालघर, औंध (पुणे), नागपुर और मुंबई स्थित चयनित आईटीआई संस्थानों में बंदरगाह क्षेत्र से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के लिए नई इमारतें बनाने के बजाय मौजूदा आईटीआई परिसरों में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा। मंत्री राणे ने कहा कि आधुनिक और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने चयनित संस्थानों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर आवश्यक आधारभूत सुविधाएं शीघ्र विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में समुद्री और तटीय क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान शिप बिल्डिंग, पोर्ट ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स, मरीन मैकेनिक्स, कोस्टल मैनेजमेंट और समुद्री सुरक्षा जैसे रोजगारोन्मुख विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री राणे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पालघर जिले में प्रस्तावित वाधवन बंदरगाह परियोजना के पहले चरण में उपलब्ध होने वाले रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं। उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण देकर उन्हें बंदरगाह एवं समुद्री क्षेत्र में रोजगार के लिए सक्षम बनाने पर विशेष बल दिया। बैठक में महाराष्ट्र सागरी मंडळ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. प्रदीप, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संचालनालय के प्रतिनिधि तथा विभिन्न संस्थाओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सरकार का मानना है कि इन नए पाठ्यक्रमों से राज्य के युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होगा और बंदरगाह आधारित उद्योगों में रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में सहायता मिलेगी।

