
मुंबई। महाराष्ट्र में मेट्रो परियोजनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुंबई, पुणे, नागपुर और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आधुनिक, सुरक्षित और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मेट्रो परियोजना का कार्य शुरू होने के बाद तीन वर्षों के भीतर पूरा करने की योजना बनाई जाए। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) समिति की बैठक में राज्य के सभी मेट्रो प्रकल्पों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सक्षम, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में 174 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनें संचालित हैं, जबकि 291 किलोमीटर मार्गों पर निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा 130 किलोमीटर मार्ग मंजूरी की प्रक्रिया में हैं और 87.15 किलोमीटर मार्गों के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए जा रहे हैं। राज्य में कुल 2.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें केंद्र सरकार का 27,216 करोड़ रुपये, राज्य सरकार का 50,250 करोड़ रुपये का योगदान रहेगा, जबकि शेष राशि एमएमआरडीए, स्थानीय निकायों और सरकारी गारंटी वाले ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी।
683 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क विकसित होगा
सरकार के अनुसार मुंबई महानगर क्षेत्र में 428.89 किलोमीटर, पुणे महानगर क्षेत्र में 169.45 किलोमीटर तथा नागपुर महानगर क्षेत्र में 85.20 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इस प्रकार राज्य में प्रस्तावित और संचालित मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 683.53 किलोमीटर होगी। वर्ष 2026-27 के दौरान 87 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन और 56 स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं वर्ष 2029-30 तक 302 किलोमीटर अतिरिक्त मेट्रो लाइन और 161 स्टेशन विकसित करने की योजना है।
मेट्रो-10 परियोजना को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में मीरागांव से गायमुख तक प्रस्तावित मेट्रो-10 परियोजना की समीक्षा भी की गई। लगभग 9.68 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर पांच एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 8,500 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जाए और इसे तीन वर्षों के भीतर पूरा किया जाए।
भविष्य की प्रमुख मेट्रो परियोजनाएं
राज्य सरकार ने कई नई मेट्रो परियोजनाओं की भी योजना बनाई है। इनमें मुंबई मेट्रो-11 (अणिक डिपो–वडाला–गेटवे ऑफ इंडिया), मेट्रो-8 (सीएसएमआईए–नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा), मेट्रो-13 (शिवाजी चौक–वसई-विरार), मेट्रो-14 (कांजूर–बदलापुर), मेट्रो-12ए (मानपाड़ा–कल्याण–तलोजा), मेट्रो-3 विस्तार, पुणे मेट्रो फेज-3 (निगडी–वाकड़–चाकण), हडपसर–लोणी काळभोर–सासवड रोड, नवी मुंबई मेट्रो-1ए और 2, तथा नागपुर फेज-2 विस्तार जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और भविष्य की बढ़ती आबादी के अनुरूप आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का मजबूत नेटवर्क उपलब्ध होगा।

