
इंद्र यादव/ ठाणे। ठाणे शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिल्डर से 8 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी कलवा स्थित एक बिल्डर से 10 लाख रुपये की पहली किस्त (हप्ता) वसूल रहे थे, तभी पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने मौके से 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, कलवा निवासी बिल्डर सौरभ नंदकुमार सावळे की केशवं हाईट्स नामक इमारत से जुड़ा एक मामला न्यायालय में विचाराधीन था। आरोप है कि इसी मुकदमे का दबाव बनाकर तीनों आरोपियों ने बिल्डर को धमकाया कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उन्हें और कानूनी मामलों में फंसा दिया जाएगा। आरोपियों ने कुल 8 करोड़ रुपये की मांग की, जिसमें से 4 करोड़ रुपये अपने लिए मांगे थे। बिल्डर ने मामले की जानकारी तत्काल ठाणे पुलिस को दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे और पुलिस निरीक्षक अमोल वालझाडे के नेतृत्व में जाल बिछाया। पुलिस ने शिकायतकर्ता को गुप्त वॉयस रिकॉर्डर और अन्य रिकॉर्डिंग उपकरण उपलब्ध कराए। आरोपियों के साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई, जिसमें कथित रूप से रंगदारी मांगने के स्पष्ट साक्ष्य मिले। पूर्व निर्धारित योजना के तहत 30 जुलाई 2026 को आरोपी केशवं हाईट्स, बी बिल्डिंग, 90 फीट रोड, पारसिकनगर, कलवा पहुंचे और 10 लाख रुपये नकद लेने लगे। जैसे ही आरोपियों ने रकम अपने कब्जे में ली, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने छापा मारकर तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष बावडेकर (47), निवासी खारीगांव, कलवा, सिद्धेश बेंडकोली (35), निवासी केशवं हाईट्स, कलवा तथा इम्तियाज मोमीन (31), निवासी विजयनगर, सांगली के रूप में हुई है। आरोपियों के विरुद्ध कलवा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 308(2), 308(3), 308(6) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 7 अगस्त 2026 को अदालत ने तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक अमोल वालझाडे कर रहे हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण, संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. पंजाबराव उगले, पुलिस उपायुक्त अमरसिंह जाधव तथा क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। ठाणे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धमकी देकर या दबाव बनाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

