Home Maharashtra कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक से जुड़े विद्यार्थी, तभी बनेगा विकसित भारत:...

कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक से जुड़े विद्यार्थी, तभी बनेगा विकसित भारत: राहुल नार्वेकर

0

रायगढ़। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था आज भी बड़े पैमाने पर कृषि पर आधारित है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए खेती और किसानों को सशक्त करना जरूरी है। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों के स्कूल वर्ष में कम से कम एक बार छात्रों के लिए कृषि अध्ययन भ्रमण (एग्रीकल्चर स्टडी टूर) आयोजित करें, ताकि नई पीढ़ी आधुनिक खेती, कृषि अनुसंधान और तकनीक से जुड़ सके।राहुल नार्वेकर कर्जत स्थित डॉ. बालासाहेब सावंत कोंकण कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र में शिक्षा प्रसारक मंडल, मालाड द्वारा संचालित उत्कर्ष मंदिर विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित वैज्ञानिक-किसान-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कुलपति डॉ. संजय भावे, महाराष्ट्र कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान परिषद के सदस्य विनायक काशीद, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. संजय तोरणे, सहयोगी अनुसंधान निदेशक डॉ. बी.डी. वाघमोडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पहले भारत के सामने खाद्य सुरक्षा की बड़ी चुनौती थी, लेकिन किसानों की मेहनत के कारण आज भारत न केवल खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, बल्कि अन्य देशों को भी अनाज उपलब्ध कराने वाला देश बन चुका है। यह उपलब्धि किसानों के अथक परिश्रम का परिणाम है, इसलिए कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत करना समय की मांग है। राहुल नार्वेकर ने मालाड के उत्कर्ष मंदिर विद्यालय की कृषि अध्ययन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकों, कंप्यूटर और इंटरनेट से ज्ञान तो मिलता है, लेकिन खेतों में जाकर खेती, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को प्रत्यक्ष देखने से विद्यार्थियों का ज्ञान अधिक समृद्ध होता है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक शहरी स्कूल को हर वर्ष कृषि अध्ययन भ्रमण आयोजित करना चाहिए।उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वर्ष 2027 तक तीसरी तथा 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखता है। यह लक्ष्य तभी संभव होगा जब देश का किसान आर्थिक रूप से मजबूत, सक्षम और संतुष्ट होगा। इसलिए कृषि अनुसंधान और नई तकनीकों को किसानों तक तेजी से पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हुए देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में कृषि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. बालासाहेब सावंत कोंकण कृषि विश्वविद्यालय के शोध का लाभ देशभर के किसानों को मिल रहा है और विश्वविद्यालय के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी उन्होंने दिया। दौरे के दौरान राहुल नार्वेकर ने विद्यार्थियों और किसानों के साथ खेत में उतरकर धान की रोपाई भी की। उन्होंने छात्रों को खेती का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का महत्व समझाया और किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान तथा टिकाऊ खेती पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान और खेतों के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय ही भविष्य की खेती को नई दिशा देगा। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र, स्पीड ब्रीडिंग (त्वरित धान प्रजनन) केंद्र का निरीक्षण किया तथा मशीनों के माध्यम से धान रोपाई के प्रदर्शन का अवलोकन कर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षक, किसान और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here