
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित निराला प्रेक्षागृह सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज बहादुर सिंह चंदेल, विधायक पंकज गुप्ता, विधायक बंबा लाल दिवाकर, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानु मिश्रा एवं जिलाधिकारी घनश्याम मीणा द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम स्थल के बाहर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मध्यान्ह भोजन (MDM), शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार से जुड़े विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनका अतिथियों ने अवलोकन कर शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद सभागार में दीप प्रज्ज्वलन कर औपचारिक शुरुआत की गई। परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव कुमार चतुर्वेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पाण्डेय, वित्त एवं लेखाधिकारी शालिनी सिंह एवं खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि जनपद के 2918 शिक्षामित्रों का मानदेय शासन द्वारा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएलसी राज बहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की सुविधाओं में लगातार वृद्धि कर रही है। उन्होंने ‘कायाकल्प’ योजना के तहत 99 प्रतिशत विद्यालयों के संतृप्तीकरण पर जिला प्रशासन की सराहना की और इसे शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस अवसर पर पूजा अवस्थी, आकांक्षा वर्मा, रजनी गुप्ता, सुनील चौधरी, राजन त्रिपाठी, अमर कुमार, सरोजी देवी, नन्दा देवी, अनु अवस्थी, सुभाष वर्मा, आलम अंसारी, नीतू सिंह, फराज सुल्तान, कुन्दन सक्सेना, कविता नाग, मनीष और संध्या त्रिवेदी सहित कई शिक्षामित्रों को मानदेय प्रेषण के डेमो चेक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। आभार व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कहा कि अतिथियों के सुझावों को जिला योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की मनोस्थिति को समझते हुए उन्हें सही दिशा देने और उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड सहित कई अधिकारी, शिक्षक और सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रचना सिंह एवं विश्वनाथ तिवारी ने किया।




