
मुंबई। चंद्रपुर जिले में कोयले की ओवरलोड ढुलाई से उत्पन्न प्रदूषण और उससे जुड़ी समस्याओं पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। खनन मंत्री शंभूराज देसाई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पर्यावरण, खनन, परिवहन और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुझाए गए उपायों को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) तत्काल प्रभाव से लागू करे। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी को अपनी कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार करना अनिवार्य है। बुधवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित बैठक में मंत्री देसाई ने कहा कि चंद्रपुर में कोयला परिवहन के कारण सड़कों की हालत खराब हो रही है, प्रदूषण बढ़ रहा है और इसका सीधा असर नागरिकों के स्वास्थ्य व कृषि पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में कोयला ढोने वाले वाहनों पर तिरपाल नहीं लगाया जाता, जिससे कोयले के कण उड़कर वातावरण को प्रदूषित करते हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन भी होता है। मंत्री ने निर्देश दिए कि कोयला परिवहन करने वाले सभी वाहनों पर तिरपाल लगाना अनिवार्य किया जाए। परिवहन विभाग को सख्त निगरानी के लिए उड़न दस्तों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, यदि कोयला उत्खनन करने वाली कंपनियां शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विधायक कृपाल तुमाने, परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, भूविज्ञान एवं खनिकर्म विभाग के अधिकारी तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त समन्वय और सख्त अमल के जरिए ही चंद्रपुर में प्रदूषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।




