मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- सचिन अहीर का अनुभव और निष्पक्ष नेतृत्व सदन की गरिमा बढ़ाएगा

मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद पर सचिन अहीर का सर्वसम्मति से निर्वाचन लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मूल्यों की जीत है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में सचिन अहीर के अभिनंदन प्रस्ताव पर बोलते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सभी दलों ने सदन की उच्च लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सर्वसम्मति से उपसभापति का चुनाव किया है। इससे संसदीय लोकतंत्र और मजबूत हुआ है तथा सदन की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने की सामूहिक भावना भी प्रकट हुई है। उन्होंने सचिन अहीर को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनका लंबा राजनीतिक अनुभव, संतुलित दृष्टिकोण और सर्वसमावेशी नेतृत्व सदन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन अहीर विधायक, राज्य मंत्री और विधान परिषद सदस्य के रूप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। जनसामान्य के मुद्दों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, अध्ययनशीलता, निर्भीक कार्यशैली और सभी दलों के साथ संवाद बनाए रखने की क्षमता उन्हें उपसभापति पद के लिए उपयुक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि उपसभापति का पद संवैधानिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस पद पर आसीन व्यक्ति से सभी सदस्यों के साथ समान एवं निष्पक्ष व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सचिन अहीर अपनी संयमित और निष्पक्ष कार्यशैली से विधान परिषद की गौरवशाली परंपराओं को और मजबूत करेंगे। फडणवीस ने इस अवसर पर पूर्व उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं, दलितों, पीड़ितों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर उनकी संवेदनशील एवं निष्पक्ष भूमिका ने उपसभापति पद की गरिमा को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री ने विधान परिषद के उपसभापति पद की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि रा.सू.गवई, सूर्यभान वहाडणे और वसंतराव डावखरे जैसे वरिष्ठ नेताओं ने इस पद की प्रतिष्ठा को मजबूत किया है और उन्हें विश्वास है कि सचिन अहीर भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। सचिन अहीर के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1993 में श्रमिक आंदोलन से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी और गिरणी मजदूरों के मुद्दों के लिए लगातार संघर्ष किया। वर्ष 1999 से 2014 तक वे लगातार तीन बार विधायक चुने गए और आवास, सामाजिक न्याय, पर्यावरण, खनन तथा आदिवासी विकास जैसे विभागों में राज्य मंत्री के रूप में प्रभावी कार्य किया। मुंबई के सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक क्षेत्रों में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सचिन अहीर उपसभापति के रूप में सदन की कार्यवाही निष्पक्ष, संयमित और सर्वसमावेशी ढंग से संचालित करेंगे तथा उनके कार्यकाल में विधान परिषद की लोकतांत्रिक परंपराएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार सहित विभिन्न दलों के सदस्यों ने भी सचिन अहीर को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।



