
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में इजाफा होगा। सरकार के फैसले के अनुसार, महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) को मौजूदा 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह कदम बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है और इसे 7वां वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किए गए फॉर्मूले के तहत लागू किया गया है। इस फैसले से करीब 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि, इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी पड़ेगा। इसी के साथ, वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग भी तेज हो गई है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी- जेसीएम) ने सरकार को दिए ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है, जिसके आधार पर महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण किया जाता है। एनसी- जेसीएम ने इसके अलावा हर साल 6 प्रतिशत वेतन वृद्धि, पदोन्नति पर दो इंक्रीमेंट और न्यूनतम 10,000 रुपये अतिरिक्त लाभ जैसे सुझाव भी दिए हैं। अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनर्स की आय और वेतन संरचना में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे आगामी 8वां वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।




