
नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी विधानसभा चुनावों के दौरान अब तक 865 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की जा चुकी है। यह कार्रवाई 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ लागू हुई आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के तहत प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई है। आयोग के अनुसार, कुल जब्ती में पश्चिम बंगाल से 427 करोड़ रुपये और तमिलनाडु से 438 करोड़ रुपये शामिल हैं, जबकि नकदी के रूप में कुल 99 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं, जिनमें तमिलनाडु से 78 करोड़ और पश्चिम बंगाल से 21 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों राज्यों से कुल 84 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई है, जिसमें पश्चिम बंगाल से 81 करोड़ और तमिलनाडु से 3 करोड़ रुपये की शराब शामिल है। चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आयोग ने बड़े पैमाने पर निगरानी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत 5,011 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड टीमें और 5,363 से अधिक स्थैतिक निगरानी दल तैनात किए गए हैं, जिन्हें शिकायत मिलने के 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां गठित की गई हैं। नागरिक और राजनीतिक दल C-Vigil ऐप के माध्यम से एमसीसी उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। चुनाव कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी और दोनों राज्यों में मतगणना 4 मई को की जाएगी। आयोग ने दोहराया है कि चुनाव को हिंसा-मुक्त, डर-मुक्त और लालच-मुक्त बनाने के लिए सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।




