
नई दिल्ली/तमिलनाडु। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को एक चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “नियंत्रण” में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियां बाहरी प्रभावों से प्रभावित हैं और इससे देश के हितों को नुकसान पहुंचा है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री तमिलनाडु की राजनीति में भी हस्तक्षेप करना चाहते हैं और इसी कारण वे ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) को सत्ता में लाना चाहते हैं, ताकि राज्य के मुख्यमंत्री को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाला है, महत्वपूर्ण डेटा को बाहरी ताकतों के हवाले किया है और किसानों तथा छोटे व मध्यम उद्योगों के हितों से समझौता किया है। परिसीमन विधेयक पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री के चेहरे पर आत्मविश्वास की कमी साफ दिखाई दी और वे विपक्ष का सामना करने से बचते नजर आए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका समझौते देशहित के खिलाफ हैं और इससे भारत की संप्रभुता पर असर पड़ा है।
अपने बयान में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री को कोई निर्देश दें, तो वे उसका पालन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ संवेदनशील जानकारियों के आधार पर दबाव बनाया जाता है और उसी के तहत निर्णय प्रभावित होते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े कथित संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के दावे पूरी तरह निराधार, भ्रामक और आपत्तिजनक हैं। सरकार के अनुसार, यह एक सजायाफ्ता अपराधी से जुड़ी “घटिया सोच” का हिस्सा है और इसे गंभीरता से लेने का कोई आधार नहीं है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। आने वाले चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है, जिससे राष्ट्रीय और राज्य स्तर की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।




