
मुंबई। पुणे स्थित बी.जे.शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय और ससून सर्वोपचार रुग्णालय राज्य के सबसे प्रतिष्ठित शासकीय संस्थानों में से हैं, जो स्वतंत्रता से पूर्व स्थापित हुए थे। इन संस्थानों के विकास के लिए उपमुख्यमंत्री तथा वित्त एवं नियोजन मंत्री अजित पवार ने निर्देश दिए हैं कि बीजेएमसी के महात्मा गांधी सभागृह (ऑडिटोरियम) के पुनर्विकास के दौरान उसका हेरिटेज दर्जा सुरक्षित रखा जाए और महाविद्यालय की प्रतिष्ठा के अनुरूप उसका आधुनिक विकास किया जाए। इस संदर्भ में मंत्रालय, मुंबई में अजित पवार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें हेरिटेज वास्तुविद आभा लांबा ने सभागृह के पुनर्विकास पर प्रस्तुति दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में सभागृह में 500 सीटों की व्यवस्था है, जबकि कॉलेज में लगभग 1,500 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसलिए 1,500 सीटों की क्षमता वाला एक आधुनिक और सुसज्जित सभागृह बनाया जाएगा, लेकिन उसकी हेरिटेज संरचना पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसमें कॉलेज परिसर में 1,000 छात्रों के लिए एक नए पदव्युत्तर छात्रावास (पीजी हॉस्टल) के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इससे बीजेएमसी में पढ़ने वाले सभी पीजी छात्रों के लिए निवास की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजगोपाल देवरा, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी, उपमुख्यमंत्री के सचिव राजेश देशमुख, वैद्यकीय शिक्षण विभाग के सचिव धीरज कुमार, वैद्यकीय शिक्षण विभाग के संचालक डॉ. अजय चंदनवाले, बीजेएमसी के अधिष्ठाता डॉ. एकनाथ पवार और पुणे सार्वजनिक बांधकाम विभाग के मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण उपस्थित थे। पुणे के विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार और जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सहभाग लिया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीघ्र ही बीजेएमसी के एकीकृत विकास आराखड़े का प्रस्ताव प्रस्तुत करें ताकि इस ऐतिहासिक और गौरवशाली संस्थान को भविष्य के लिए और अधिक सक्षम और भव्य बनाया जा सके।




