
मुंबई। पुणे ग्रैंड टूर–2026 के सफल आयोजन के बाद अब पुणे को वर्ष 2032 की यूसीआई (UCI) रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए राज्य सरकार की ओर से समर्थन पत्र (Letter of Support), वित्तीय गारंटी, बुनियादी ढांचे के विकास और आयोजन से जुड़ी विभिन्न रणनीतिक मंजूरियों को स्वीकृति दे दी गई। इस आयोजन के साथ भारत एशिया का पहला देश होगा, जिसे यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर मिलेगा। इस प्रतियोगिता से लगभग 330 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि होने का अनुमान है। पुणे जिला प्रशासन और साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयासों से आयोजित पुणे ग्रैंड टूर–2026 भारत की पहली यूसीआई मान्यता प्राप्त साइक्लिंग प्रतियोगिता थी। इसके उत्कृष्ट आयोजन, अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन और तकनीकी क्षमता को देखते हुए यूसीआई ने प्रतियोगिता की रेटिंग 2.2 से बढ़ाकर 2.1 कर दी। इसी सफलता के आधार पर अब पुणे को 2032 की विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर मिलने जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से 100 से अधिक देशों के 25 से 30 करोड़ खेल प्रेमियों तक महाराष्ट्र की खेल संस्कृति और पर्यटन की पहचान पहुंचेगी। साथ ही पुणे को ‘गेटवे टू डेक्कन’ की अवधारणा के साथ वैश्विक साइक्लिंग मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। विश्व प्रसिद्ध टूर डी फ्रांस की तर्ज पर आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता पुणे जिले की 250 से 280 किलोमीटर लंबी सड़कों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें दुनिया भर से 1,000 से अधिक साइकिल चालक हिस्सा ले सकते हैं। आठ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के लिए यूसीआई को सरकार का आधिकारिक समर्थन पत्र, निविदा शुल्क, बोली आवेदन, अनुबंध और पूर्व-प्रतियोगिता तैयारियों सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को मंजूरी दी गई है। प्रतियोगिता के प्रभावी संचालन के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें उपमुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, ग्राम विकास मंत्री, पर्यटन मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विभिन्न विभागों के सचिव, जिलाधिकारी सहित लगभग 18 सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संचालन समिति तथा मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजन समिति कार्य करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के आयोजन के लिए अनुमानित 99 करोड़ रुपये का खर्च मुख्य रूप से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और व्यावसायिक राजस्व के माध्यम से जुटाया जाएगा। इस आयोजन से महाराष्ट्र को वैश्विक खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने और खेल पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

