
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि निवेश, प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत और दुनिया को जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण प्रवेशद्वार महाराष्ट्र है। राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अनुसंधान एवं विकास, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है। ऐसे में समृद्ध भारत के निर्माण के लिए महाराष्ट्र निवेशकों के लिए सबसे सफल और भरोसेमंद गंतव्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने अमेरिकी निवेशकों से अपनी तकनीक, नवाचार और अनुसंधान के साथ महाराष्ट्र में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन्हें कुशल मानव संसाधन, विशाल बाजार और विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री मुंबई के होटल ललित में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की राष्ट्रीय परिषद-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप आचार्य, कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रशांत कृष्णन, उपासना अरोड़ा, अवनीश अवस्थी सहित अनेक उद्योगपति और निवेशक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों में से एक है और इसका अगला चरण आर्थिक सहयोग तथा रणनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का होगा, जिसमें महाराष्ट्र की भूमिका केंद्रीय रहेगी। उन्होंने कहा कि “भारत-अमेरिका समग्र रणनीतिक साझेदारी का पुनर्गठन” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच निवेश, अनुसंधान, विनिर्माण और नवाचार को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र 660 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य है, जिसकी विकास दर पिछले सात वर्षों से औसतन 10.2 प्रतिशत रही है। राज्य की 65 प्रतिशत आबादी 27 वर्ष से कम आयु की है, जो इसे युवा शक्ति और नवाचार का केंद्र बनाती है। विनिर्माण, सेवा, मनोरंजन और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित विविध क्षेत्रों में महाराष्ट्र की मजबूत उपस्थिति उसे वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई प्रौद्योगिकियां भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा दे रही हैं। अमेरिका के पास अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक की क्षमता है, जबकि महाराष्ट्र ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर और विश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए आदर्श स्थान है। दोनों देशों के सहयोग से इन क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का स्केल इंजन है, जबकि अमेरिका इनोवेशन इंजन है। दोनों की साझेदारी से स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव संभव है। इसी दिशा में महाराष्ट्र नवी मुंबई में 165 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित कर रहा है, जहां अत्याधुनिक अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत की कुल डिजिटल आधारभूत संरचना का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र में स्थित है। मुंबई और नवी मुंबई डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, जिससे एआई आधारित कंपनियों और तकनीकी निवेशकों के लिए राज्य में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों के आधार पर भारत और अमेरिका मिलकर विश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण कर सकते हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों की साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आर्थिक सहयोग और निवेश को और बढ़ाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास दुनिया के सबसे बड़े अमेरिकी मिशनों में से एक है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ने दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे तथा महाराष्ट्र साइबर के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक यशस्वी यादव को उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों का भी सम्मान किया गया। सम्मेलन में भारत और अमेरिका के अनेक निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

