
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक निर्माण, खेल, राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा नियोजन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के ठेकेदारों के भुगतान के लिए TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम) लागू करने, गढ़चिरौली जिला क्रीड़ा संकुल के लिए 80.12 करोड़ रुपये के संशोधित प्रस्ताव, धान एवं चावल परिवहन के लिए 328.47 करोड़ रुपये जारी करने तथा वित्त और नियोजन विभाग के पुनर्गठन सहित कई अहम निर्णय लिए गए। सार्वजनिक निर्माण विभाग में अब MSME ठेकेदारों के भुगतान के लिए TReDS प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे और मध्यम ठेकेदारों को उचित दर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। यदि डिस्काउंटिंग के बाद सरकार 180 दिनों के भीतर संबंधित वित्तीय संस्था को भुगतान नहीं करती है तो विलंब अवधि के लिए ब्याज देना होगा। ब्याज दर का निर्धारण सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति करेगी। खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गढ़चिरौली जिला क्रीड़ा संकुल के दूसरे चरण के विकास हेतु 80 करोड़ 12 लाख रुपये के संशोधित अनुमान को मंजूरी दी गई। इस चरण में 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल मैदान, छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, दर्शक दीर्घा, स्विमिंग पूल, टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल और कबड्डी मैदान तथा पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे जिले की खेल अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। राजस्व विभाग से जुड़े निर्णय में सोलापुर के श्री जांबमुनी मोची समाज सेवा मंडल को शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटित करने का फैसला लिया गया। संस्था को 2,346 वर्गमीटर भूमि प्रचलित बाजार मूल्य के 20 प्रतिशत भुगतान पर कब्जे के अधिकार के साथ दी जाएगी, जबकि 1,546 वर्गमीटर भूमि खेल मैदान के लिए 30 वर्ष की अवधि हेतु प्रति वर्ष एक रुपये के नाममात्र किराये पर पट्टे पर दी जाएगी। सरकार ने शर्त रखी है कि भूमि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए होगा और तीन वर्षों के भीतर परियोजना शुरू करनी होगी। पुणे जिले के मोशी में 15 हेक्टेयर सरकारी भूमि क्रांतिवीर चापेकर समिति को सौंपने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यहां आदिवासी एवं वंचित समाज के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र विकसित किया जाएगा। संस्था को यह भूमि बिना प्रीमियम के कब्जे के अधिकार के साथ दी जाएगी, हालांकि भूमि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए ही किया जा सकेगा तथा निर्धारित समय में विकास कार्य शुरू करना अनिवार्य होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के अंतर्गत खरीदे गए धान और उपभोक्ता उपयोगी चावल के परिवहन व्यय के लिए 328.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसमें से लगभग 80 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से प्राप्त होंगे, जबकि शेष लगभग 248.47 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार राज्य सरकार वहन करेगी। इस निर्णय से धान और चावल की खरीद एवं परिवहन प्रक्रिया के भुगतान में तेजी आएगी। मंत्रिमंडल ने वित्त और नियोजन विभागों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इसके तहत नियोजन विभाग के बजट संबंधी विषय और 28 पद वित्त विभाग को हस्तांतरित किए जाएंगे। पुनर्गठन के बाद नियोजन विभाग विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, जिला वार्षिक योजनाओं, मूल्यांकन तथा विकास संबंधी रणनीतियों की निगरानी और समन्वय पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा, जबकि वित्त विभाग बजट और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कार्यों का संचालन करेगा। सरकार का मानना है कि इस पुनर्गठन से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनेगी।

