
नई दिल्ली। पूर्व प्रशिक्षु सिविल सेवक पूजा खेडकर ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए जांच के आदेश के तहत आज दिल्ली पुलिस के समक्ष पूछताछ में हिस्सा लिया। पूछताछ के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि मैं पुलिस और अदालत के साथ पूरा सहयोग करूंगी। इसी के तहत आज मैं पूछताछ के लिए पेश हुई। पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने झूठा विकलांगता प्रमाण पत्र जमा किया और विभिन्न नामों से 12 बार UPSC परीक्षा दी। इन आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, “मीडिया और सरकारी अधिकारियों के बीच जो गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। मैंने परीक्षा में सिर्फ अपने असली नाम ‘पूजा खेडकर’ से ही भाग लिया है। उन्होंने यह भी कहा, अगर मुख्यमंत्री अपने नाम के साथ अपनी मां का नाम जोड़ सकते हैं, तो एक आम नागरिक के लिए ऐसा करना कैसे गलत हो सकता है? नाम बदलने के आरोप झूठे हैं और मुझे इस प्रकार से निशाना बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि खेडकर को पुणे प्रशासन ने हाल ही में प्रशिक्षण से बर्खास्त किया था, जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने और बयान दर्ज कराने के आदेश दिए थे।




