
मुंबई। धारावी पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र झोपड़ीधारक को उसका अधिकार सुनिश्चित करने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लंबित मामलों का समाधान करने के उद्देश्य से “झोपुप्रा प्रशासन सीधे धारावीवासियों के द्वार” अभियान शुरू किया गया है।धारावी अधिसूचित क्षेत्र में ‘परिशिष्ट-2’ में लंबित घोषित किए गए झोपड़ीधारकों के मामलों का निपटारा अब मौके पर ही किया जाएगा। इसके लिए झोपड़पट्टी पुनर्वासन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ महेन्द्र कल्याणकर के मार्गदर्शन में पूरे धारावी क्षेत्र में सेक्टरवार शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्रता की जांच करना और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।इस अभियान की शुरुआत 14 और 15 मई को सेक्टर क्रमांक 1 के झोन 2 और 7 के नागरिकों के लिए माटुंगा पूर्व स्थित रेलवे कॉलोनी के पिंजरा हॉल में की गई। इसके बाद 18 मई को आयोजित शिविर में 537 झोपड़ीधारकों ने भाग लिया।अगला शिविर 19 मई को सेक्टर क्रमांक 3 के झोन 8, 9, 10, 14, 15 और 16 के नागरिकों के लिए धारावी पुलिस स्टेशन के पीछे स्थित इंदिरा नगर ट्रांजिट कैंप के शेड कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जाएगा। इसी स्थान पर 19 और 20 मई को सेक्टर क्रमांक 2 के अंतर्गत आने वाले झोन 11, 12, 13, 20, 21, 22, 29 और 30 के नागरिकों के आवेदन और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।इसके बाद धारावी डेपो रोड स्थित आंबेडकर नगर की म्हाडा इमारत क्रमांक 5 (पीएमजीपी कॉलोनी) में दो विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें 20 और 21 मई को सेक्टर 4 के झोन 17, 18, 19, 23, 24 और 28 के नागरिकों के मामलों पर काम किया जाएगा, जबकि 21 और 22 मई को सेक्टर 5 के झोन 25, 26, 27, 31, 32, 33 और 34 के झोपड़ीधारकों के लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा।अभियान का अंतिम चरण 25 और 26 मई को माटुंगा पूर्व स्थित पिंजरा हॉल में आयोजित होगा, जहां सेक्टर 1 के शेष झोन 1, 3, 4, 5 और 6 के नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।प्रशासन ने अपील की है कि जिन झोपड़ीधारकों के नाम ‘परिशिष्ट-2’ में लंबित दर्शाए गए हैं, वे अपने क्षेत्र के लिए निर्धारित तिथि और स्थान पर स्वयं उपस्थित रहें। साथ ही पात्रता सत्यापन के लिए सभी मूल दस्तावेज और उनकी छायाप्रतियां साथ लाना अनिवार्य होगा, ताकि मौके पर ही उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।




