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Patna: सरकार पुल गिरने की जांच हाईकोर्ट के जज से कराये : डॉ संजीव

Patna

पथ निर्माण के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत दोषी

पटना: (Patna) बिहार में खगड़िया-अगवानी-सुल्तानगंज पुल के ध्वस्त होने के बाद सरकार ने जांच का एलान किया है लेकिन सत्तारूढ़ जदयू के विधायक ने ही सरकारी जांच के आदेश की पोल खोल दी है। जदयू विधायक डॉ संजीव कुमार ने कहा है कि पुल गिरने के लिए सबसे बड़े जिम्मेवार बिहार के पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत हैं। जो दोषी है, वहीं जांच करेंगे तो क्या हकीकत सामने आयेगी। सरकार मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराये और प्रत्यय अमृत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराये।

जदयू विधायक डॉ संजीव कुमार ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल में भ्रष्टाचार के सबूत के साथ उन्होंने पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से पहले ही मुलाकात की थी। उन्हें दिखाया था कि कैसे पुल के पायों में दरारें आ गयी हैं लेकिन प्रत्यय अमृत बात मानने को तैयार नहीं हुए। वे किसी पाये का वीडियो दिखा कर कहने लगे कि जहां गड़बड़ी है वहां तोड़ कर नये सिरे से काम कराया जा रहा है।

डॉ संजीव कुमार ने कहा कि उन्होंने प्रत्यय अमृत को पुल के जिस पाये में दरार आने की जानकारी सबूत के साथ दी थी, वही पाया रविवार को सबसे पहले ध्वस्त हुआ और फिर सब कुछ बर्बाद हो गया। जदयू विधायक संजीव कुमार ने कहा कि ये साफ दिखाता है कि इस मामले में प्रत्यय अमृत खुद शामिल हैं। अब अगर सरकार उन्हें ही जांच का जिम्मा दे रही है तो इससे बडा मजाक क्या हो सकता है। जो खुद मुजरिम है वही जांच करेगा तो रिपोर्ट क्या आयेगी।सरकार इस मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराये।तभी सच्चाई सामने आ पायेगी। ये पता चल पायेगा कि कौन-कौन इस मामले में संलिप्त है। ये पूरा भ्रष्टाचार का खेल है।

नया पुल बनने से भ्रष्टाचार की कहानी खत्म नहीं होगी

डॉ संजीव कुमार ने कहा कि प्रत्यय अमृत कह रहे हैं कि सरकार वहां नया पुल बनायेगी। इससे पुराने पुल में भ्रष्टाचार का मामला खत्म नहीं हो जायेगा।डॉ संजीव कुमार ने कहा कि एसपी सिंघला नाम की कंपनी ने पुल बनाने का काम लेते ही पूरे इलाके में नंगा नाच किया। कम से कम 24 लोगों की हत्या की जा चुकी है। पिछले साल 30 अप्रैल को जब पुल का सुपर स्ट्रक्चर ढहा था तब कार्रवाई की गयी होती तो ऐसी नौबत नहीं आती।

उल्लेखनीय है कि जदयू विधायक डॉ संजीव कुमार ने इस साल मार्च में ही बिहार विधानसभा में पुल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।डॉ संजीव कुमार ने विधानसभा में कहा था कि निर्माणाधीन पुल के पायों में दरारें आ रही हैं। पिछले साल पुल का सुपर स्ट्रक्चर ध्वस्त हो चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।15 मार्च 2023 को डॉ संजीव कुमार के विधानसभा में ये सब कहने के बावजूद डिप्टी सीएम और पथ निर्माण मंत्री तेजस्वी यादव ने किसी गड़बड़ी की बात मानने से इंकार कर दिया था। तेजस्वी यादव ने कहा था कि वे जान माल की कोई क्षति नहीं होने देंगे। लेकिन इसके बाद पुल ही ध्वस्त हो गया।

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