
झांसी, उत्तर प्रदेश। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी ने वर्ष 2026 में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक तथा शोध उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्वविद्यालय ने IIRF Ranking 2026 में मैनेजमेंट श्रेणी में अखिल भारतीय 90वीं रैंक तथा स्पोर्ट्स श्रेणी में अखिल भारतीय 28वीं रैंक प्राप्त कर देश के शीर्ष 100 संस्थानों में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। वहीं AD Scientific Index 2026 में भी विश्वविद्यालय ने भारत, एशिया और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय रैंकिंग प्राप्त कर अपनी मजबूत शोध पहचान स्थापित की है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन और सहयोग को देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचार आधारित शैक्षणिक दृष्टिकोण और संस्थागत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को इन सफलताओं का प्रमुख आधार बताया गया।इस अवसर पर प्रो. सुनील कुमार काबिया, निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, गुणवत्ता आधारित कार्यसंस्कृति और उत्कृष्ट टीम भावना का परिणाम है।कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने प्रो. अर्चना वर्मा, अध्यक्ष, प्रबंधन अध्ययन संस्थान (आईएमएस) एवं उनकी टीम को प्रबंधन श्रेणी में देश के शीर्ष 100 संस्थानों में स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, शोध गतिविधियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग और विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है।उन्होंने डॉ. राजीव बबेले, विभागाध्यक्ष, खेल विभाग तथा उनकी टीम को भी स्पोर्ट्स श्रेणी में अखिल भारतीय 28वीं रैंक प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर सफलता हासिल करने के कारण यह गौरवपूर्ण उपलब्धि संभव हुई है।कुलसचिव ज्ञानेंद्र ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिवार की मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में शोध, नवाचार, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत बनाएगा।



