शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश

झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने आईजीआरएस, ऑनलाइन शिकायतों एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग, नगरपालिका, नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारी एवं जल संस्थान सहित संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि शिकायतों का 100 प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण कर शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क करें और उनका फीडबैक अवश्य प्राप्त करें। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर 3,869 शिकायतों का फीडबैक लिया गया, जिनमें 1,940 शिकायतों पर असंतोषजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से तहसील गरौठा में 75 शिकायतों में से 57 तथा टहरौली में 55 शिकायतों में से 42 शिकायतों पर असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) से संबंधित 21 शिकायतों में से 15 तथा समाज कल्याण विभाग की 275 शिकायतों में से 146 शिकायतों के निस्तारण को भी असंतोषजनक पाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विभागों में बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विभागाध्यक्ष स्वयं स्थलीय सत्यापन करें और शिकायतकर्ताओं से टेलीफोन पर बातचीत कर संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को आईजीआरएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। वहीं ईडीएम आकाश रंजन ने बताया कि जून माह में कई विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित रुचि नहीं लेने के कारण जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई है। उन्होंने सभी अधिकारियों से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आग्रह किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



