
नागपुर के महाआरोग्य शिविर में 31 हजार मरीजों की जांच, 4,500 की होगी निःशुल्क सर्जरी; डेढ़ वर्ष में 57 हजार मरीजों को 452 करोड़ रुपये की सहायता
नागपुर। आर्थिक तंगी अब किसी गरीब और जरूरतमंद मरीज के इलाज में बाधा नहीं बनेगी। महाराष्ट्र सरकार गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य योजनाओं का दायरा बढ़ाने के साथ आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीमारी कितनी भी गंभीर क्यों न हो, केवल पैसों की कमी के कारण किसी गरीब मरीज का उपचार नहीं रुकना चाहिए। नागपुर में आयोजित महाआरोग्य शिविर को उन्होंने जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान बताया। रविवार को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि तथा धर्मादाय अस्पताल सहायता कक्ष की ओर से धनवटे नेशनल कॉलेज परिसर में आयोजित महाआरोग्य शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई है और महात्मा फुले जनआरोग्य योजना में पहले शामिल नहीं रही कई गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि के माध्यम से 57 हजार मरीजों के उपचार के लिए 452 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही धर्मादाय अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए आरक्षित बिस्तरों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के तहत उपचार की 5 लाख रुपये की सीमा से अधिक खर्च वाले लगभग 10 गंभीर रोगों के लिए 9 लाख रुपये तक, जबकि कुछ विशेष बीमारियों के उपचार के लिए 35 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की नीति पर सरकार काम कर रही है।
सुनने में असमर्थ बच्चों के लिए निःशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुनने में असमर्थ बच्चों के लिए निःशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी शुरू की गई है, जिससे ऐसे बच्चों को सुनने और बोलने में मदद मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उपचार के अभाव में कोई बच्चा इस सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि आगामी 9 अगस्त को दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों की सेवा सरकार का दायित्व है और समाज को स्वस्थ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कैंसर की महंगी दवाओं की कीमत कम करने की जरूरत: गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाआरोग्य शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से गरीब और जरूरतमंद मरीजों की बड़ी सेवा हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं और इंजेक्शनों की लागत कम करने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।31 हजार मरीजों की जांच, 4,500 की होगी निःशुल्क सर्जरी
पूर्व विधायक संदीप जोशी ने बताया कि 15 से 22 जुलाई के दौरान नागपुर शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में करीब 31 हजार मरीजों की जांच की गई। इनमें से लगभग 4,500 मरीजों की निःशुल्क शल्य चिकित्सा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल क्लिनिक और एम्बुलेंस का लोकार्पण किया तथा दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर वितरित की। विभिन्न संस्थाओं ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि तथा गंगाधरराव फडणवीस स्मृति डायग्नोस्टिक सेंटर को आर्थिक सहायता और एम्बुलेंस प्रदान कीं। शिविर के आयोजन में सहयोग देने वाले चिकित्सकों और दानदाताओं को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। महाआरोग्य शिविर में हृदय रोग, त्वचा रोग, कैंसर, नेत्र रोग, ईएनटी और आपात चिकित्सा सहित विभिन्न बीमारियों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच की गई। नागपुर शहर और जिले से आए हजारों मरीजों को निःशुल्क दवाइयां, जांच, शल्य चिकित्सा तथा अन्य उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, सांसद अजित गोपचड़े, विधायक प्रवीण दटके, संजय भेंडे, मोहन मते, राजीव पोतदार, महापौर नीता ठाकरे, शिवाजी शिक्षण संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सह-समन्वयक एवं नगरसेवक रितेश गावंडे ने आभार व्यक्त किया।

