
नागपुर। विदर्भ के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नागपुर में प्रस्तावित कौशल विकास विश्वविद्यालय के लिए जगह का फैसला एक महीने के भीतर किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इसे देश के सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना है। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के पारडी क्षेत्र में एआईडी, टाटा स्ट्राइव, नागपुर महानगरपालिका और विदर्भ ग्लोबल फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से स्थापित नागपुर स्किल सेंटर के उद्घाटन समारोह में यह बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, उपमहापौर लीला हथीबेड सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पहले शिक्षा के साथ इस बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया कि युवाओं को ऐसा कौशल मिले, जिसका उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सीधा लाभ हो। वर्ष 2014 के बाद कौशल विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस नीति अपनाई गई। आज स्थिति यह है कि एक ओर युवा रोजगार की तलाश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को आवश्यक प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर मौजूद होने के बावजूद यदि स्थानीय युवा आवश्यक कौशल के अभाव में उनका लाभ नहीं उठा पाते हैं, तो इस अंतर को दूर करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से कौशल विकास केंद्रों और प्रस्तावित कौशल विकास विश्वविद्यालय की संकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
विदर्भ में सोलर, ईवी, स्वास्थ्य और लौह उद्योगों से बढ़ेगी कुशल युवाओं की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदर्भ में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, स्वास्थ्य और लौह अयस्क आधारित उद्योगों की इकोसिस्टम विकसित हो रही है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। ऐसे में स्थानीय युवाओं को पहले से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। प्रस्तावित कौशल विकास विश्वविद्यालय आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक रोजगार का लक्ष्य
फडणवीस ने कहा कि वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले करीब 75 प्रतिशत युवाओं को रोजगार का अवसर मिल रहा है। अब इस आंकड़े को बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण को सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
गडकरी बोले- विदर्भ के युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नागपुर का कौशल विकास केंद्र और प्रस्तावित कौशल विकास विश्वविद्यालय विदर्भ के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे एक तरफ युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तो दूसरी तरफ उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। गडकरी ने कहा कि गडचिरोली में लौह अयस्क आधारित उद्योगों में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। इसके अलावा नागपुर और विदर्भ के अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न उद्योग स्थापित हो रहे हैं। इन उद्योगों की मानव संसाधन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना महत्वपूर्ण होगा।
हर साल 2 हजार युवाओं को प्रशिक्षण
नागपुर में शुरू किए गए आधुनिक स्किल सेंटर में हर वर्ष करीब 2 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता है। यहां उद्योगों की जरूरत के अनुसार रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण के साथ व्यक्तित्व विकास, प्लेसमेंट सहायता और उद्यमिता विकास पर भी जोर दिया जाएगा। केंद्र में 10वीं, 12वीं पास और स्नातक युवक-युवतियों के लिए विभिन्न अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। कई पाठ्यक्रमों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के साथ कंप्यूटर और अंग्रेजी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
चंद्रपुर या गडचिरोली में एकीकृत स्टील प्लांट का प्रस्ताव
कार्यक्रम के दौरान एआईडी की ओर से चंद्रपुर अथवा गडचिरोली जिले में एकीकृत स्टील उत्पादन परियोजना स्थापित करने के लिए एक अभिरुचि पत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा गया।इसके साथ ही एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और नेशनल एकेडमी फॉर डिफेंस प्रोडक्शन के बीच एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर स्किल सेंटर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।

