
मुंबई। महाराष्ट्र के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने 23 जून को होने वाला अपना जन्मदिन इस वर्ष नहीं मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कोकण क्षेत्र में आम और काजू की फसलों को हुए नुकसान, मछुआरों की कठिनाइयों तथा राज्य के कई हिस्सों में एल-नीनो के प्रभाव के कारण वर्षा में देरी से उत्पन्न जल संकट को देखते हुए उत्सव मनाना उचित नहीं होगा। मंत्री राणे ने कहा कि जब किसान, मछुआरे और आम नागरिक विभिन्न संकटों का सामना कर रहे हों, तब व्यक्तिगत उत्सव मनाने के बजाय परिस्थितियों की गंभीरता को समझना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज के दुःख और कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील रहना ही एक जनप्रतिनिधि की वास्तविक जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने सभी शुभचिंतकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि वे जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए व्यक्तिगत रूप से मिलने न आएं। इसके बजाय अपने-अपने क्षेत्रों में समाजोपयोगी कार्यों का आयोजन कर जरूरतमंद लोगों की सहायता करें। नितेश राणे ने विशेष रूप से गो-सेवा और गौसंवर्धन से जुड़े कार्यों में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौशालाओं की सहायता, पशुओं के संरक्षण में योगदान, गरीब और वंचित वर्गों की मदद, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोकण के बागायतदारों को हुए नुकसान, मछुआरों की समस्याओं और वर्षा में देरी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए व्यक्तिगत खुशी का उत्सव मनाना उचित नहीं है। जनता के दुःख में सहभागी बनना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज को योगदान देना ही उनके लिए सबसे बड़ा जन्मदिन उपहार होगा। अपने संदेश के अंत में मंत्री राणे ने कहा कि “आपका सेवाभाव और समाजहित में किया गया कार्य ही मेरे लिए सबसे मूल्यवान शुभकामना होगी।” उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।



