
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अगस्त चरण को लेकर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना और लक्ष्य की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 13 लाख से अधिक बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेन्डाजॉल की कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी।सीएमओ ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा, जबकि किसी कारणवश छूटे बच्चों को दवा खिलाने के लिए 14 अगस्त को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को आयु के अनुसार एल्बेन्डाजॉल की दवा दी जाएगी।उन्होंने बताया कि अभियान का औपचारिक शुभारंभ जिलाधिकारी घनश्याम मीणा द्वारा 10 अगस्त को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, मोती नगर, उन्नाव में किया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी जागरूकता रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को अभियान की जानकारी मिल सके।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. जे.आर. सिंह ने बताया कि जिले में कुल 13,00,360 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 4,529 विद्यालयों तथा 3,352 आंगनवाड़ी केंद्रों को अभियान से जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि आयु के अनुसार बच्चों को दवा की खुराक दी जाएगी। 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर, 2 से 3 वर्ष के बच्चों को एक गोली पीसकर तथा 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चबाकर खिलाई जाएगी। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि कृमिनाशक दवा का नियमित सेवन बच्चों और किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण में महत्वपूर्ण सुधार लाता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, पोषण स्तर बेहतर होता है तथा एनीमिया (खून की कमी) जैसी समस्याओं से बचाव में भी मदद मिलती है। प्रेसवार्ता में डॉ. रानू कटियार (अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर), सोमनाथ तिवारी (जिला समन्वयक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर विद्यालय अथवा आंगनवाड़ी केंद्र पर भेजकर कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं, ताकि उन्हें कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।

